अपडेटेड 5 January 2026 at 10:54 IST
Venezuela-America war: ड्रग केस में अमेरिकी कोर्ट में राष्ट्रपति मादुरो की पहली पेशी आज, 'ट्रंप की दादागिरी' को चुनौती देने उतरेंगे वकील
निकोलस मादुरो सोमवार को न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित फेडरल कोर्ट में अपनी पहली पेशी के लिए हाजिर होंगे। अमेरिका द्वारा ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म से जुड़े गंभीर आरोपों के तहत उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले पर पहली सुनवाई होगी।
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) की गिरफ्तारी का दुनियाभर में विरोध हो रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस कार्रवाई के विरोध में अमेरिका में भी लोग सड़कों पर उतर आए हैं। कई देश इसे 'ट्रंप की दादागिरी' बता रहे हैं। भारी विरोध प्रदर्शन के बीच ड्रग केस में मादुरो की पहली पेशी आज,अमेरिकी कोर्ट में होगी। उनके वकील ड्रग केस में गिरफ्तारी को चुनौती देने उतरेंगे।
निकोलस मादुरो सोमवार को न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित फेडरल कोर्ट में अपनी पहली पेशी के लिए हाजिर होंगे। अमेरिका द्वारा ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म से जुड़े गंभीर आरोपों के तहत उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले पर पहली सुनवाई होगी। मादुरो पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सरकार का इस्तेमाल हजारों टन कोकेन अमेरिका पहुंचाने के लिए किया, जिससे एक भ्रष्ट और अवैध शासन चल रहा था। वहीं, मादुरो के वकील कोर्ट में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने उतरेंगे।
मादुरो के वकील गिरफ्तारी को देंगे चुनौती
मादुरो के वकील फेडरल कोर्ट में में उनकी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देन की पूरी तैयारी में हैं। उनका तर्क होगा कि मादुरो एक देश के राष्ट्राध्यक्ष हैं और इस हैसियत से उन्हें अभियोजन से इम्युनिटी मिलनी चाहिए। यह अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून का एक बुनियादी सिद्धांत माना जाता है। मादुरो और उनकी पत्नी सोमवार को दोपहर 12 बजे (स्थानीय समानुसार) संघीय अदालत में पेश होंगे।
चर्चा में आए पूर्व शासक मैनुअल नोरिएगा
विशेषज्ञों का मानना है कि बचाव पक्ष अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देकर दावा कर सकता है कि एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की गिरफ्तारी गैरकानूनी है, लेकिन अमेरिकी अदालतें पहले भी ऐसे मामलों में अभियोजन को आगे बढ़ाती रही हैं। यह मामला पनामा के पूर्व तानाशाह मैनुअल नोरिएगा की याद दिलाता है, जिन्हें 1989 में अमेरिकी सेना ने ड्रग तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार कर अमेरिका लाया था और बाद में दोषी ठहराया गया। नोरिएगा की तरह मादुरो पर भी आरोप है कि उन्होंने ड्रग कार्टेल्स के साथ मिलकर अमेरिका में कोकेन की बाढ़ ला दी।
अमेरिकी सेना ने मादुरो और उनकी पत्नी को किया गिरफ्तार
शनिवार, 3 जनवरी को वेनेजुएला पर ताबड़तोड़ हमले के बाद अमेरिकी सेना निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अपराधी की तरह पकड़कर न्यूयॉर्क लेकर आई। यहां उन्हें ब्रुकलिन जेल में रखा गया है, जिसे 'धरती का नरक' भी कहा जाता है।। इस जेल में पहले भी कई हाई-प्रोफाइल लोगों को रखा जा चुका है और यह अपनी खराब रहने की स्थिति के लिए बदनाम है। वहीं,वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाली है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 5 January 2026 at 10:44 IST