US Iran: मुआवजा तो दूर, फ्रीज संपत्तियां भी नहीं मिलेंगी... ईरान के प्रस्ताव पर अमेरिका ने रखी 5 कड़ी शर्तें, जंग का अब क्या होगा?
US Iran War: समझौते के लिए ईरान ने 5 शर्तें रखी थीं, जिसके बदले में अब अमेरिका ने भी 5 शर्तें रख दी हैं। ईरान को अमेरिका न तो मुआवजा देने को तैयार है और न ही विदेशों में फ्रीज ईरान की संपत्तियों और फंड्स को जारी करने को तैयार है।
US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध ने पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचाकर रखी हुई। दोनों देशों के बीच भले ही सीजफायर चल रहा हो, लेकिन यह काफी नाजुक स्थिति में है। वहीं, अमेरिका और ईरान अब तक किसी भी डील के लिए भी सहमत नहीं हो पाए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्तावों को 'पूरी तरह से अस्वीकार्य' बताते हुए खारिज कर दिया है। अब इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के सामने पांच कड़ी शर्तें रख दी हैं।
समझौते के लिए ईरान ने 5 शर्तें रखी थीं, जिसके बदले में अब अमेरिका ने भी 5 शर्तें रख दी हैं। हालांकि, इन शर्तों को लेकर अभी तक वाशिंगटन और तेहरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
अमेरिका की 5 शर्तें
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को अमेरिका न तो मुआवजा देने को तैयार है और न ही विदेशों में फ्रीज ईरान की संपत्तियों और फंड्स को जारी करने को तैयार है। अमेरिका ने जो 5 शर्तें ईरान के सामने रखी हैं, वो इस प्रकार हैं...
- 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपना- ईरान के पास 400 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) है, उसे पूरी तरह ट्रांसफर करना होगा
- सिर्फ एक परमाणु सुविधा चालू रखने की इजाजत- बाकी सभी प्रमुख परमाणु प्लांट्स या तो बंद या सीमित हो जाएंगे। ईरान के पूरे परमाणु प्रोग्राम को एक ही जगह तक सिमेट दिया जाएगा।
- कोई मुआवजा या हर्जाना नहीं- युद्ध या तनाव से हुए किसी भी नुकसान के लिए अमेरिका ईरान को मुआवजा नहीं देगा।
- फ्रीज संपत्तियों को छोड़ने से इनकार- विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को जारी करने से मना करना, यहां तक कि 25% भी रिलीज नहीं होगी।
- युद्धविराम बातचीत के नतीजे पर निर्भर- सीजफायर तभी लागू होगा जब औपचारिक बातचीत पूरी तरह आगे बढ़े.
ईरान ने रखी थी 5 शर्तें...
- सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हों, खास तौर पर लेबनान में भी।
- ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाएं।
- ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को रिलीज किया जाए।
- युद्ध में ईरान को हुए नुकसान के लिए मुआवजा या हर्जाना दिया जाएं।
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता दी जाए।
ईरान के लिए घड़ी की सुइयां तेजी से भाग रही हैं- ट्रंप
इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से फिर ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, "ईरान के लिए घड़ी की सुइयां तेजी से भाग रही हैं और बेहतर होगा कि वे फौरन हरकत में आएं, बहुत तेजी से वरना उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा। समय ही सबसे कीमती है।"
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए थे, जिसमें ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए। तब से ही जंग जारी है। जंग को 3 महीने होने वाले हैं। भले ही दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू हो, लेकिन लगातार नाजुक बने हुए हैं। अमेरिका और ईरान, दोनों ही अपनी-अपनी मांगों को लेकर जिद पर अड़े हैं।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 18 May 2026 at 08:21 IST