Donald Trump: अमेरिका ने हटाए ब्रिटेन एयरबेस से सभी बॉम्बर विमान, तो क्या खुफिया अलर्ट से डर गए ट्रंप? जानें ईरान जंग को लेकर क्या कहा
RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमानों को वापस उनके होम बेस पर भेज दिया गया है। ईरान के साथ जारी जंग के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यों लिया यह फैसला आईए जानते है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका ने ब्रिटेन स्थित RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर तैनात अपने सभी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को तुरंत अमेरिका स्थित होम बेस पर वापस बुला लिया है। पेंटागन के एक अधिकारी के अनुसार, इन बॉम्बर्स को वापस अमेरिका में उनके होम बेस पर भेज दिया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
यह एयरबेस अमेरिकी नियंत्रण में है और हाल के दिनों में ईरान पर हमलों के लिए इस्तेमाल किया गया था। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमानों को वापस उनके होम बेस पर भेज दिया गया है। इस अधिकारी को संवेदनशील मिलिट्री गतिविधियों पर बात करने की इजाजत नहीं थी और उन्होंने रविवार को नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी।
आतंकी हमले को लेकर अमेरिका अलर्ट
ब्रिटेन में संभावित आतंकी हमले की साजिश की जांच के बीच अमेरिकी विमानों को वापस बुलाया गया है। RAF फेयरफोर्ड एयरबेस पर ईरान युद्ध की शुरुआत से ही RAF फेयरफोर्ड से दर्जनों B-52 और B-1 बॉम्बर्स को देखा गया था। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। जिसमें नए हमले भी शामिल हैं।
ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने ओहायो में एक रैली के लिए व्हाइट हाउस से निकलते समय पत्रकारों से कहा था, "ईरान के बारे में मुझे कुछ फैसले लेने हैं। ईरान पूरी तरह तबाह हो चुका है। इसलिए एकमात्र सवाल यह है कि या तो यह आसान तरीका होगा, या फिर मुश्किल तरीका।" ट्रंप ने पहले भी इस बात को दोहराया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान कुछ ही हफ्तों तक चलेगा और अब बड़ा कदम उठाया जाएगा.
ईरान पर आतंकी हमले की साजिश का आरोप
बता दें कि सितंबर के आखिर में RAF फेयरफोर्ड में हुई एक सुरक्षा घटना के बाद, पिछले हफ्ते सेंट्रल लंदन में आतंकी हमले की साजिश रचने के शक में ब्रिटेन और ईरान दोनों देशों की नागरिकता रखने वाले एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया था। जांच के दौरान कुल छह लोगों को हिरासत में लिया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
ब्रिटिश अधिकारियों ने इस घटना का संबंध तेहरान से जोड़ा है। ईरान ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है। उसने पहले भी कहा है कि वह अपने इलाके पर हमले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी बेस को वैध निशाना मानता है। UK के अधिकारियों का कहना है कि ब्रिटेन और अन्य देशों में आगजनी और अन्य हमलों के पीछे ईरान से जुड़े प्रॉक्सी (प्रतिनिधि) रहे हैं। इनमें से कई हमलों का निशाना यहूदी समुदाय था और इनका मकसद डर फैलाना था।
RAF फेयरफोर्ड से हटाए गए अमेरिकी बॉम्बर विमान
लंदन से 100 मील (160 किलोमीटर) पश्चिम में स्थित RAF फेयरफोर्ड का इस्तेमाल मध्य पूर्व में दशकों से चले आ रहे संघर्षों के दौरान अमेरिकी बॉम्बर्स द्वारा किया जाता रहा है। यहां हाल ही में तैनात किया गया एयरक्राफ्ट कैरियर USS थियोडोर रूजवेल्ट और USS माकिन आइलैंड एम्फीबियस रेडीनेस ग्रुप जहाजों का एक ऐसा समूह जिसमें कुल मिलाकर 7,000 से ज्यादा नाविक और 2,000 मरीन हैं।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 5 October 2026 at 07:27 IST