Tariff War: ट्रंप की जिद पड़ जाएगी भारी? जिसे अमेरिका ने लताड़ा उसे दोस्त बना कर चीन ने US को पटखनी देने का बनाया पूरा प्लान
Tariff War: टैरिफ को लेकर ट्रंप की जिद भारी पड़ सकती है। अमेरिका ने जिसे लताड़ा उसे दोस्त बना कर चीन ने US को पटखनी देने की तैयारी कर ली।
अमेरिका के साथ जारी टैरिफ विवाद के बीच चीन ने मलेशिया के साथ MoU पर हस्ताक्षर किया है। बता दें, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग हाल ही में मलेशिया दौरे पर पहुंचे। इस दौरान दोनों देशों के बीच के सकारात्मक बातचीत हुई। वहीं टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद चीन कनाडा से भारी मात्रा में क्रूड ऑयल आयात कर रही है। ऐसे में माना ये जा रहा है कि चीन अमेरिका को पटखनी देने के लिए US के करीबियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
चीन ने मेलिशया के साथ कुल 31 MoU पर हस्ताक्षर किया है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री दातुक सेरी अनवर इब्राहिम के साथ बातचीत के दौरान मलेशिया-चीन समुदाय के निर्माण के लिए तीन सूत्री प्रस्ताव की रूपरेखा प्रस्तुत की। हालांकि, अमेरिका और मलेशिया के बीच काफी मजबूत संबंध हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, और सांस्कृतिक सहयोग होता हैं। इसके साथ ही दोनों देश एक महत्वपूर्ण साझेदारी के साथ कई क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं।
US के तेल खरीद में 90% कटौती और कनाडा से दोस्ती
वहीं अगर कनाडा की बात करें तो अमेरिका के साथ इसके संबंध में कड़वाहट देखने को मिली है। खासतौर पर ट्रंप की वापसी के बाद से कनाडा और अमेरिका के बीच तनाव बढ़े हैं। इस बीच चीन ने कनाडा के साथ नजदीकियां बढ़ाने की योजना तैयार कर ली है। तभी तो टैरिफ वॉर के बीच चीनी रिफाइनरियां अमेरिकी तेल की खरीद में लगभग 90 प्रतिशत की कटौती कर, कनाडा से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात कर रही हैं। बता दें, पश्चिमी कनाडा पाइपलाइन विस्तार से चीन को अल्बर्टा के तेल रेत तक आसान पहुंच मिल रही है। अगर ऐसा होता है तो चीन को अमेरिका से डील करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क्या ट्रंप की जिद अमेरिका को पड़ेगा भारी?
ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप की जिद अमेरिका को भारी पड़ने वाली है! चीन ने तो अमेरिका को पटखनी देने की पूरी योजना तैयार कर ली है, लेकिन देखना ये होगा कि टैरिफ को लेकर ट्रंप की जिद का अमेरिका पर कितना असर होने वाला है। फिलहाल चीन-कनाडा के क्रूड ऑयल वाले डील पर लोगों का यही कहना है कि इससे अमेरिका को नुकसान होने वाला है।
Published By : Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड 17 April 2025 at 23:42 IST