दुनिया की बढ़ती टेंशन के बीच ट्रंप के बयान से जगी नई उम्मीद, कहा- सीजफायर खत्म हो गया लेकिन ईरान शांति वार्ता जारी रखने को तैयार है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत जारी रखेगा, लेकिन युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने बातचीत की मांग की है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत जारी रखेगा, लेकिन युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर लिखा, “ईरान ने हमसे बातचीत जारी रखने की मांग की है। हमने इस पर सहमति जता दी है, लेकिन अमेरिका ने उन्हें साफ-साफ बता दिया है कि युद्धविराम अब खत्म हो गया है!”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को 60 दिनों के लिए बिना किसी टोल के खोलने की सहमति बनी थी। हालांकि ईरान का दावा है कि वह होर्मुज पर अपना प्रबंधन अधिकार बरकरार रखेगा।
व्हाइट हाउस ने 9 जुलाई को संकेत दिया था कि अगर ईरान शर्तों का पालन करता है तो वे इस समझौते का पालन करने के लिए तैयार हैं। इससे पहले दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे पर भी कुछ प्रगति हो रही थी।
मध्यस्थ देशों की कोशिशें जारी
कतर, पाकिस्तान और अन्य देश इस समझौते को बचाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। 10 जुलाई को कतर प्रतिनिधिमंडल ईरान का दौरा कर रहा है, जिसका समन्वय अमेरिका के साथ किया जा रहा है।
ईरान की धमकी
इसी बीच ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाघेर जोलघद्र ने राज्य टेलीविजन पर इजरायल को निशाना बनाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी बुनियादी ढांचे पर हमले का जवाब दिया जाएगा और हमारे लड़ाकों की प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
इजरायल के अधिकारी इस मुद्दे पर बंटे हुए हैं। कुछ अधिकारी फिर से ईरान पर हमले शुरू करने के पक्ष में हैं और ट्रंप की हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं। इजरायल इस समझौते का हिस्सा नहीं है और उसने इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ठोस रियायतों के अभाव में आलोचना की है।
तनाव की वजह
हालिया तनाव होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के बाद बढ़ा है, जिसे अमेरिका ने ईरान से जोड़ा है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) की परिषद ने 10 जुलाई को एक गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव पारित किया, जिसमें ईरान द्वारा फारस खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण बनाने की निंदा की गई है। प्रस्ताव में शिपिंग लेन की सुरक्षा और आवाजाही पर जोर दिया गया है।
बुशेहर परमाणु संयंत्र पर असर
रूस की परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने ईरान के बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में अपने कर्मचारियों की वापसी अस्थायी रूप से रोक दी है। इसका कारण 9 जुलाई को संयंत्र की परिधि पर एक प्रोजेक्टाइल गिरना बताया गया है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं.