Iran US War: अमेरिका-ईरान के बीच खत्म होगा युद्ध? ट्रंप और ईरानी विदेश मंत्री के सोशल मीडिया मूव ने बढ़ाई हलचल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का एक पोस्ट रीपोस्ट किया है, जिसे लेकर हलचल बढ़ गई है। अब्बास अराघची के उस पोस्ट में लिखा है कि संघर्ष को खत्म करने के लिए दोनों देश लगभग समझौते के करीब हैं। हालांकि उन्होंने कुछ और भी कहा जिससे पता चलता है कि दोनों देशों के बीच अभी भी कुछ चीजों पर असहमति बनी हुई है।

Iran's foreign minister Seyed Abbas Araghchi Donald Trump | Image: Republic

Iran US War End: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के ताजा बयान के अनुसार, इस संघर्ष को खत्म करने के लिए दोनों देश लगभग समझौते के करीब हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि फाइनल होने तक इस बारे में अंदाजा लगाने से बचना चाहिए।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पहले कभी इतना करीब नहीं था। लेकिन जब तक यह फाइनल नहीं हो जाता, मीडिया को इसके कंटेंट के बारे में अंदाजा लगाने से बचना चाहिए।' 

उन्होंने आगे लिखा, 'हमारे जिम्मेदार और ट्रांसपेरेंट नजरिए के हिसाब से सभी डिटेल्स सही समय पर जनता के साथ शेयर की जाएंगी।'

June 12, 2026

बदलेंगे अमेरिका-ईरान के रिश्ते?

ईरानी विदेश मंत्री के इस पोस्ट को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ पर रीपोस्ट किया है जो कि बेहद अहम है। यह दर्शाता है कि प्रस्तावित समझौते की शर्तों पर मतभेदों के बावजूद द्विपक्षीय बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। समझौतों की शर्तों को लेकर कयास तो कई तरह के  हैं, लेकिन उनकी सच्चाई पर अभी संशय बना हुआ है।

जेडी वेंस के पोस्ट से संशय बरकरार

संशय इसलिए बरकरार है क्योंकि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बीते दिनों कहा कि बहुत सारी झूठी जानकारी फैलाई जा रही है। जेडी वेंस ने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर लिखा, ‘मैं जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को खत्म करने के संभावित समझौते के बारे में बहुत सारी झूठी जानकारी देख रहा हूं।’

उन्होंने आगे समझौते की शर्तों का जिक्र करते हुए कहा, 'सबसे पहले, ईरानियों को कोई नकद पैसा नहीं मिल रहा है और सिर्फ किसी समझौते पर दस्तखत करने या मीटिंग में शामिल होने के लिए कोई फंड जारी नहीं किया जा रहा है। इस समझौते को इस तरह से तैयार किया गया है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंताओं को प्राथमिकता दी जाए और अगर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करता है तो उन्हें और पूरे क्षेत्र को आर्थिक फायदा होगा। इस समझौते में क्षेत्र की तस्वीर बदलने और लंबे समय तक चलने वाली शांति लाने की क्षमता है। पिछले कुछ घंटों में इस मुद्दे पर अजीब रिपोर्टिंग देखी।'

June 12, 2026

वेंस ने ट्वीट में आगे लिखा, 'अफवाहों और शोर-शराबों को दरकिनार करते हुए हम पुष्टि करते हैं कि शांति समझौते के फाइनल ड्राफ्ट पर सहमति बन गई है। पाकिस्तान अगले चरणों को अंतरिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर सक्रियता से काम कर रहा है।'

बीच में कूदे पाकिस्तानी PM 

इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पोस्ट में कहा, 'पाकिस्तान की ओर से शांति समझौते के लिए ज़ोरदार मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं। हम उन लोगों द्वारा चलाए जा रहे लगातार गलत जानकारी फैलाने वाले अभियान से पूरी तरह वाकिफ हैं जो इस शांति समझौते को नाकाम करना चाहते हैं। इन सब बातों को दरकिनार करते हुए हम पुष्टि कर सकते हैं कि शांति समझौते का फाइनल ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और पाकिस्तान अब अगले कदमों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है। शांति कभी भी इतनी करीब नहीं रही जितनी अब है।'

June 12, 2026

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत से जुड़े विभिन्न सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलेगा और इसके बदले अमेरिका ईरान की फ्रीज हुई अरबों डॉलर की संपत्ति रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। साथ ही ईरानी तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में भी राहत दी जा सकती है। 

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 13 June 2026 at 07:30 IST