Israel-Lebanon Ceasefire: ईरान सीजफायर एक्सटेंशन के बाद अब वाशिंगटन पर टिकी दुनिया की निगाहें, लेबनान को लेकर बड़े फैसले का इंतजार
Israel-Lebanon Ceasefire: इजराइल और लेबनान के दूत गुरुवार को वॉशिंगटन में दोबारा बैठक करेंगे। यह बैठक वर्तमान में चल रहे 10-दिवसीय सीजफायर को आगे बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो इस रविवार को समाप्त होने वाला है।
Israel-Lebanon Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की मियाद अब बढ़ा दी गई है। इस पर ट्रंप ने कहा है कि ईरान की ओर से कोई एक राय बनाने वाला प्रस्ताव आने तक सीजफायर जारी रहेगा। इसी बीच लेबनान और इजराइल के दूत वॉशिंगटन में दो हफ्तों के भीतर दूसरी बार बैठक करने के लिए तैयार हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक, यह बैठक दोनों देशों के बीच शुरू हुए शुरुआती संपर्कों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि लेबनान को उम्मीद है कि अमेरिका-ईरान की तरह ही हिज्बुल्लाह और इजराइल के बीच चल रहे अस्थिर सीजफायर को आगे बढ़ाया जाएगा।
बता दें, अमेरिका की मध्यस्थता से लागू हुआ यह 10-दिवसीय संघर्ष-विराम रविवार को समाप्त होने वाला है, लेकिन इसकी स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। क्योंकि मंगलवार को हिज्बुल्लाह द्वारा उत्तरी इजराइल पर रॉकेट दागने और इजराइल द्वारा हिज्बुल्लाह पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाने से स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है।
मारे गए 2,400+ लेबनानी
बता दें, दोनों देशों के बीच दुश्मनी 2 मार्च को फिर से भड़क उठी थी, जब हिज्बुल्लाह ने क्षेत्रीय युद्ध के दौरान तेहरान के समर्थन में गोलीबारी शुरू कर दी थी। लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, इस संघर्ष के बाद से इजराइल द्वारा किए गए सैन्य अभियानों में 2,400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इजराइल ने सीमा पर एक पट्टी पर कब्जा कर लिया है, जहां उसके सैनिक अभी भी तैनात हैं।
वहीं, इजराइल का कहना है कि उसका उद्देश्य एक 'बफर जोन' बनाना है, ताकि उत्तरी इजराइल को हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमलों से बचाया जा सके, जबकि हिज्बुल्लाह ने इस दौरान इजराइल पर सैकड़ों रॉकेट दागे हैं।
बातचीत का एजेंडा और लेबनान की शर्तें
बता दें, गुरुवार को होने वाली इस बैठक में मुख्य रूप से दो मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पहला सीजफायर की मियाद को आगे बढ़ाना और राजदूत स्तर से ऊपर उठकर व्यापक बातचीत शुरू करने के लिए किसी एक तारीख पर विचार करना।
इस व्यापक बातचीत के दौरान लेबनान इजराइली सैनिकों की वापसी, हिरासत में लिए गए लेबनानी नागरिकों की रिहाई और जमीनी सीमा के निर्धारण की मांग रखने की योजना बना रहा है। लेबनान का रुख स्पष्ट है कि व्यापक बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष-विराम का विस्तार किया जाना जरूरी है।
हिज्बुल्लाह और लेबनानी सरकार के बीच आंतरिक मतभेद
वहीं, लेबनान के भीतर सरकार और हिज्बुल्लाह के बीच गहरा मतभेद बना हुआ है। हिज्बुल्लाह का कहना है कि यह सीजफायर ईरान के दबाव का परिणाम है और उसने इजराइल के साथ बातचीत की पहल करने के लिए बेरूत की कड़ी आलोचना की है, जो दोनों के बीच मौजूद बड़े मतभेदों को दिखाता है। दूसरी ओर, इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने इसे "40 से अधिक वर्षों के बाद लेबनान के साथ सीधी बातचीत का एक ऐतिहासिक फैसला" बताया है।
हालांकि उन्होंने लेबनान को विफल राष्ट्र करार देते हुए सरकार से हिज्बुल्लाह के खिलाफ मिलकर काम करने की अपील भी की है। जबकि इजराइली सेना ने भी हाल ही में संघर्ष-विराम के कथित उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो आतंकियों को मार गिराया है।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 22 April 2026 at 21:13 IST