US: अपने ही देश में ट्रंप के खिलाफ भारी प्रदर्शन, ईरान जंग के खिलाफ ‘No Kings’ मार्च में लाखों अमेरिकी सड़कों पर उतरे
अमेरिका में ईरान जंग के खिलाफ ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिसमें लाखों अमेरिकी सड़कों पर उतरकर खुले तौर पर ट्रंप नीतियों का विरोध कर रहे हैं। कई बड़े शहरों में ये प्रदर्शन देखे जा रहे हैं। कुल मिलाकर ट्रंप के खिलाफ माहौल बिगड़ चुका है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
US Anti War Protests: मिडिल ईस्ट में जंग अभी भी जारी है, जो हर दिन बड़ा रूप लेती जा रही है। अमेरिका और इजरायल के भीषण हमलों के पलटवार में ईरान भी इजराइल और खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है। अमेरिका में ईरान के साथ चल रही इस जंग से देश के लोग भी परेशान है, इसलिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध नीति, बढ़ती महंगाई और आर्थिक परेशानियों के खिलाफ लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। अमेरिका में लोग ‘नो किंग्स’ के नाम से नारे लगाते हुए भारी प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन प्रदर्शनों में लोग नारे लगा रहे हैं, तख्तियां थामे और सांस्कृतिक कार्यक्रम करते दिख रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये प्रदर्शन पूरे अमेरिका में चल रहे हैं। प्रदर्शन रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों राज्यों में आयोजित किए गए। बड़े शहरों में विशाल मार्च निकाले गए तो छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में छोटे-छोटे समूह इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे।
न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को में भी प्रदर्शन
न्यूयॉर्क के मिडटाउन मैनहट्टन से प्रदर्शनकारियों ने मार्च शुरू किया। उन्होंने इमिग्रेशन नीति, ट्रंप प्रशासन और ईरान युद्ध के विरोध में बैनर दिखाए। सैन फ्रांसिस्को के एम्बार्केडेरो प्लाजा में भी बड़ी भीड़ जुटे। लोग अमेरिकी झंडे और यूक्रेन-ट्रांसजेंडर अधिकारों जैसे मुद्दों पर बैनर लेकर सिविक सेंटर प्लाजा तक पहुंचे।
अमेरिका पर हुए हमले बर्दाशत नहीं- ब्रूस स्प्रिंगस्टीन
मिनेसोटा के सेंट पॉल में हुई बड़ी रैली में रॉक लीजेंड ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने परफॉर्मेंस दी। उन्होंने मिनेसोटा को पूरे देश के लिए मिसाल बताया। स्प्रिंगस्टीन ने संघीय आव्रजन एजेंटों द्वारा मारे गए एलेक्स प्रीटी और रेनी गुड को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि, 'आपकी ताकत और प्रतिबद्धता बता रही है कि यह अभी भी अमेरिका है। अमेरिकी शहरों पर ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।'
मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने भी ट्रंप प्रशासन की आक्रामक इमिग्रेशन कार्रवाइयों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब व्हाइट हाउस से अप्रशिक्षित गुंडे भेजे गए तो मिनेसोटा के लोग अपने पड़ोसियों के लिए खड़े हुए।
ये ‘नो किंग्स’ प्रदर्शनों की तीसरी लहर बताई जा रही है। इससे पहले दो बड़े आयोजन हो चुके हैं, जिनमें लाखों लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन ईरान जंग से जुड़ी ईंधन की बढ़ती कीमतों और धीमी अर्थव्यवस्था की चिंताओं के बीच हो रहे हैं। फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में ट्रंप के करीब 50 समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मौखिक बहस की। बावजूद इसके ज्यादातर जगह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। ये प्रदर्शन दिखाते हैं कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव अब अमेरिका की सड़कों तक पहुंच चुका है। ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर सवाल अब घरेलू मोर्चे पर भी तेज हो गए हैं।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 29 March 2026 at 07:00 IST