ट्रंप की धमकी के बाद ताबड़तोड़ हमले, IRGC के दर्जनों ठिकाने तबाह; ईरान के हमले नाकाम- अमेरिका का दावा

ट्रंप की धमकी के बाद बुधवार को ईरान के अंदर अमेरिका ने ताबड़तोड़ हमले किए। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि IRGC इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के दर्जनों ठिकानों पर हमला किया गया। उसका कहना है कि ये हमला ईरानी मिसाइल हमले के जवाब में किया गया है।

US-Iran War | Image: Republic

मिडिल ईस्ट में एकबार फिर भारी तनाव देखने को मिल रहा है। ईरान युद्ध में ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद दुनिया को राहत मिली थी, लेकिन एकबार फिर दोनों तरफ से हमले शुरू हो गए हैं। जिससे दुनियाभर में लोगों की चिंता बढ़ गई है।

सीजफायर के बाद ईरान ने फिर समंदर में कुछ जहाजों को निशाना बनाया था। जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान में कई बार हमले किए। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी हम इसका करारा जवाब देंगे।

इसके बाद बुधवार को ईरान के अंदर अमेरिका ने ताबड़तोड़ हमले किए। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि IRGC इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के दर्जनों ठिकानों पर हमला किया गया। उसका कहना है कि ये हमला ईरानी मिसाइल हमले के जवाब में किया गया है।

अमेरिका ने बताया क्यों किया ईरान पर हमला

CENTCOM ने मुताबिक, हमले रात 10 बजे पूरे हुए। CENTCOM की प्रेस रिलीज के मुताबिक IRGC सैन्य कमांड सेंट्रर, मिसाइल और ड्रोन ठिकाने तटीय निगरानी और सुरक्षा स्थलों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने कहा कि हमलों का उद्देश्य ईरान और उसके परदे के पीछे अमेरिकी बलों, वाणिज्यिक शिपिंग और पड़ोसी खाड़ी देशों के लिए उत्पन्न खतरों को और कम करना था।

July 30, 2026

CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई आईआरजीसी बलों द्वारा पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी बलों पर हमले के प्रयास में ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च करने के एक दिन बाद हुई है। उसने कहा कि सभी ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया था।

इससे पहले, एक्स पर एक पोस्ट में CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी बलों ने रात 8 बजे ईरान के खिलाफ हमले शुरू कर दिए। हमले मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी बलों पर कल के ईरानी हमलों के प्रयास के लिए एक जवाबी कार्रवाई है। CENTCOM ने यह भी कहा कि 50,000 से अधिक अमेरिकी सेवा सदस्य वर्तमान में पश्चिम एशिया में तैनात हैं। वे सतर्क, केंद्रित, घातक और पूरी तरह तैयार हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

ये हमले तब हुए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी। जिसमें कहा गया है कि वाशिंगटन ने तेहरान पर बहुत कठिन हमला करने की योजना बनाई है और जोर देकर कहा है कि उन्हें हिट करने की हमारी बारी है।
मिस्र के भूमध्यसागरीय बंदरगाह डेमिटा में पहले के विस्फोट के बारे में ओवल ऑफिस की उपस्थिति के दौरान पूछे जाने पर ट्रम्प ने पुष्टि की कि उन्हें इस घटना पर एक ब्रीफिंग मिली थी।

ट्रम्प ने भविष्य की कूटनीति की संभावना को आगे नोट करते हुए कहा कि हम देखेंगे कि क्या हम किसी बिंदु पर एक समझौते के साथ वहां पहुंचते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति की तीखी प्रतिक्रिया के बाद बुधवार को एक विस्फोट के तत्काल बाद आई, जिसने ड्रोन हमले के बाद मिस्र के डेमिटा पोर्ट पर अमेरिका के स्वामित्व वाले और संचालित एलएनजी पोत को हिला दिया। इसके बाद यह आशंका बढ़ गई है कि मिडिल ईस्ट संकट फिर से गहरा सकता है।

ये भी पढ़ें: 'ईरान पर जोरदार हमला करेंगे, उनकी बुरी हालत कर देंगे...', जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले के बाद आगबबूला हुए ट्रंप; फिर भड़केगा युद्ध?

 

Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 30 July 2026 at 14:39 IST