अपडेटेड 23 March 2026 at 08:30 IST
Iran ने अमेरिका और खाड़ी देशों को दी खुली धमकी, ट्रंप के बयान पर कहा- ईरान को नक्शे से मिटाने का भ्रम पालने वाले, अपनी हताशा दिखा रहे
टंप की धमकियों के जवाब में ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि 'ईरान को नक्शे से मिटाने का भ्रम, इतिहास रचने वाले एक राष्ट्र की इच्छा के खिलाफ हताशा को दिखाता है। हमें डराने की कोशिश उल्टी साबित होगी।'
Iran-Israel War: ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका का जारी युद्ध को तीन हफ्ते पूरे हो गए हैं। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस घातक संघर्ष ने अब तक भारी तबाही मचाई है। ईरान में हजारों लोग मारे जा चुके हैं, जबकि जवाबी कार्रवाई में इजरायल को बड़ा नुकसान हुआ है, सैंकड़ों मौत हुई हैं। इस युद्ध के चलते वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा संकट गहरा गया है। मगर दोनों पक्षों में कोई झुकने को तैयार नहीं है। ट्रंप की धमकियों पर अब ईरान के राष्ट्रपति का करारा पलटवार आया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि 'ईरान को नक्शे से मिटाने का भ्रम, इतिहास रचने वाले एक राष्ट्र की इच्छा के खिलाफ हताशा को दिखाता है। धमकिया और दुश्मनों का आतंक हमारी एकता को और मजबूत ही करते हैं।' वहीं, ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उसके बिजली ग्रिड पर हमला करने की अपनी धमकी को अंजाम देते हैं तो इसके बूरे परिणाम के लिए वो तैयार रहें।
ईरान का अमेरिका को करारा पलटवार
मसूद पेजेशकियान ने अपने X पर पोस्ट में लिखा, "ईरान को नक्शे से मिटाने का भ्रम पालनेवाले हताश हो गए हैं। हम युद्ध के मैदान में ऐसी बेतुकी धमकियों का डटकर मुकाबला करते हैं। ईरान को डराने कोशिशें हमेशा उल्टी साबित हुई हैं। बाहर खतरों और आतंक ने ईरान की जनता को विभाजित करने के बजाय उनके बीच की एकता को और अधिक मजबूत किया है।"
खाड़ी देशों में बड़े हमले की धमकी
वहीं, ईरान ने चेतावनी जारी की है कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बिजली ग्रिड पर हमले की धमकी को अमल में लाते हैं, तो ईरान खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा और जल संरचनाओं पर हमला करेगा। यह क्षेत्र पीने के पानी के लिए डिसेलिनेशन (खारे पानी को मीठा बनाने) प्रक्रिया पर अत्यधिक निर्भर है, इसलिए बड़े पैमाने पर व्यवधान की आशंका बढ़ गई है।
ट्रंप ने ईरान बिजली संयंत्रों पर हमले की दी चेतावनी
ईरान का यह जवाब ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद आई है। शनिवार को किए गए एक पोस्ट में, ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान 48 घंटों के भीतर जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका उनके विभिन्न बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा और उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर देगा। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा और जल संरचनाओं पर हमले करने की चेतावनी दे दी है।
बता दें कि अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई मारे गए थे। यह एक विशाल सैन्य अभियान था, जिसे अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और इजराइल ने 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' का कोडनेम दिया था। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और मध्य पूर्व के विभिन्न देशों, जिनमें UAE, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और सऊदी अरब शामिल हैं, में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले किए। ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई को 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस IV' का कोडनेम दिया। अब ये जंग थमने के बजाय भीषण रूप लेता जा रहा है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 08:30 IST