अपडेटेड 2 March 2026 at 20:50 IST
Iran Israel War: युद्ध होगा और तेज? सबसे बड़ी रिफाइनरी अरामको पर हमले से बौखलाया सऊदी अरब, अब ईरान को दे डाली धमकी
Iran Israel War: ईरान ने सऊदी की रास तनुरा रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिसे सऊदी ने मार गिराया। खामेनेई की मौत के बाद ईरान के इस आक्रामक रुख से खाड़ी देश हैरान हैं और सऊदी अरब अब ईरान पर जवाबी हमले की तैयारी कर रहा है।
Iran Israel War: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को ईरान द्वारा सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी Aramco की रास तनुरा रिफाइनरी पर किए गए ड्रोन हमले ने खाड़ी देशों में हड़कंप मचा दिया है।
हालांकि सऊदी अरब ने इन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन इस हमले से वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडराने लगा है। अरामको पर इस हमले के बाद सऊदी अरब ने अब ईरान को आत्मरक्षा के अधिकार के तहत जवाबी सैन्य कार्रवाई की कड़ी चेतावनी दी है।
ईरान की कार्रवाई से हैरान हैं खाड़ी देश
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद खाड़ी देशों को जवाबी कार्रवाई की उम्मीद थी, लेकिन हमलों का यह पैमाना उनके अनुमान से कहीं अधिक है। खाड़ी देशों के अधिकारियों का कहना है कि ईरान न केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों को, बल्कि अब नागरिक ठिकानों, एयरपोर्ट्स और तेल रिफाइनरियों को भी निशाना बना रहा है।
दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक रास तनुरा पर हमले का उद्देश्य ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता लाने की कोशिश बताई जा रही है। मलबे से रिफाइनरी में आग लगने के बाद एहतियातन इसे अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
सऊदी-अमेरिका गठबंधन और ट्रंप का प्रभाव
सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक दृष्टि से बड़ी चुनौती है, खासकर जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल चल रहा है। बताया जाता है कि सऊदी अरब के वास्तविक शासक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बेहद करीबी व्यापारिक और राजनीतिक रिश्ता है।
यहां तक कि साल 2025 में ट्रंप ने जब अपना दूसरा कार्यकाल संभाला तो वो अपने पहले विदेश दौरे पर सऊदी अरब गए थे। अब सऊदी अरब ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेरिका से बड़े समर्थन की उम्मीद कर रहा है।
क्या युद्ध और तेज होगा?
इजरायल स्थित अंतरराष्ट्रीय मीडिया 'i24NEWS' के अनुसार, खाड़ी देशों के वरिष्ठ अधिकारी ईरान की आक्रामकता की गति और तीव्रता से पूरी तरह हैरान हैं। उन्हें लग रहा था कि अली खामेनेई के मारे जाने के बाद वो जवाब देंगे लेकिन इस समय वो सिर्फ सैन्य ठिकानों ही नहीं बल्कि आबादी वाले इलाकों को भी निशाना बना रहे हैं। यह पूरी तरह पागलपन है।
वहीं, सऊदी अरब की न्यूज वेबसाइट 'Azer News' ने स्पष्ट किया है कि किंगडम अब ईरान के खिलाफ 'प्रोपोर्शनल' जवाबी कार्रवाई पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यदि सऊदी अरब सीधे तौर पर इस जंग में कूदता है, तो यह तीसरा विश्व युद्ध शुरू होने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 2 March 2026 at 20:50 IST