अपडेटेड 22 March 2026 at 10:08 IST

Robert Mueller Death: FBI के पूर्व डायरेक्टर रॉबर्ट मुलर की मौत पर ट्रंप ने क्यों जताई खुशी? बोले अच्छा हुआ वो मर गया, क्योंकि...

FBI के पूर्व डायरेक्टर और स्पेशल काउंसल रॉबर्ट मुलर के निधन पर राष्ट्रपति ट्रंप ने खुशी जताई है। उन्होंने यहां तक कहा कि 'अच्छा हुआ कि वो मर गया'l अब ट्रंप के इस बयान की हर तरफ आलोचना हो रही है।

FBI के पूर्व डायरेक्टर रॉबर्ट मुलर की मौत पर ट्रंप ने क्यों जताई खुशी? | Image: AP

अमेरिका के सबसे शक्तिशाली जांच एजेंसी (FBI) के पूर्व डायरेक्टर और स्पेशल काउंसल रॉबर्ट मुलर (Robert S. Mueller III) का 81 साल की उम्र में निधन हो गया है। मुलर के परिवार की ओर से उनकी मौत की पुष्टि की है। अब उनके निधन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विवादस्पद बयान दिया है और असंवेदनशील टिप्पणी जारी करते हुए कहा कि उन्हें 'खुशी है कि मुलर मर गए'।

FBI के पूर्व चीफ के रूप में मुलर ने 12 वर्षों का लंबा कार्यकाल संभाला था। वो दो राजनीतिक दलों के राष्ट्रपतियों के कार्यकाल में एफबीआई चीफ बने रहे। उन्हें रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा नामित किया गया था। मगर ट्रंप के मन मूलर के लिए कितनी नफरत है वो उनके बयान साफ चलता है।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?

अपने Truth Social अकाउंट पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने लिखा है, "रॉबर्ट मुलर का निधन हो गया। अच्छा हुआ, मुझे खुशी है कि वह मर गए। अब वह निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सकते।" अब ट्रंप की इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना भी हो रही है, क्योंकि मुलर के योगदान को कई पूर्व अधिकारियों और नेताओं ने याद किया है।

 ट्रंप के मन में मूलर के प्रति नफरत क्यों?

मुलर के परिवार ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा, "गहरे दुख के साथ हम यह खबर साझा कर रहे हैं कि बॉब का शुक्रवार रात निधन हो गया।" परिवार ने निजता की अपील भी की है। बता दें कि रॉबर्ट मुलर ने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के दौरान रूसी हस्तक्षेप की जांच की थी, जिसमें ट्रंप भी एक उम्मीदवार थे। मुलर ने डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति अभियान और रूस के बीच संबंधों की जांच की थी। तभी से ट्रंप के मन में मूलर के प्रति नफरत है, जो आज भी दिख गई।

कौन थे रॉबर्ट मुलर?

मुलर ने 2001 से 2013 तक एफबीआई के निदेशक के रूप में 12 वर्षों का लंबा कार्यकाल संभाला था। उनका कार्यकाल 11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमलों से ठीक एक सप्ताह पहले शुरू हुआ था। उन्हें 9/11 हमलों के बाद एफबीआई को पारंपरिक कानून प्रवर्तन एजेंसी से आतंकवाद-विरोधी संगठन में बदलने का प्रमुख श्रेय दिया जाता है।

रिपब्लिकन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा नियुक्त मुलर का कार्यकाल दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों (रिपब्लिकन और डेमोक्रेट) के राष्ट्रपतियों के समय चला। 2013 में सेवानिवृत्त होने के बाद 2017 में उन्हें विशेष वकील (स्पेशल काउंसल) नियुक्त किया गया था। इस भूमिका में उन्होंने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप और डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान के साथ संभावित समन्वय की दो साल तक चली विवादास्पद जांच का नेतृत्व किया।

इस जांच की वजह से मची थी सनसनी

इस जांच में कुल 34 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे, जिसमें ट्रंप अभियान से जुड़े कई व्यक्ति शामिल थे। मुलर की रिपोर्ट ने रूस के चुनाव में हस्तक्षेप की पुष्टि की, लेकिन ट्रंप अभियान और रूस के बीच आपराधिक साजिश का कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिला। हालांकि, मुलर ने एक मौजूदा राष्ट्रपति के खिलाफ कोई भी आपराधिक आरोप न लगाने का फैसला किया था।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 22 March 2026 at 09:38 IST