अपडेटेड 16 March 2026 at 07:41 IST

'हमें जरूरत नहीं, अपना देख लो', Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए ट्रंप ने चीन समेत 7 देशों से मांगे युद्धपोत, कहा होर्मुज बचाओ, वरना याद रखेंगे!

ट्रंप ने ईरान युद्ध के बीच Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए चीन, जापान, ब्रिटेन और फ्रांस समेत सात देशों से युद्धपोत मांगे हैं। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका को इसकी जरूरत नहीं क्योंकि उसके पास खुद पर्याप्त तेल है, लेकिन अन्य देशों को मिलकर इसकी सुरक्षा करनी चाहिए।

Donald trump | Image: AP

ईरान के होर्मुज ऑफ स्ट्रेट (Strait of Hormuz) बंद करने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट बना हुआ है। इस समस्या से निपटने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगभग सात देशों से कहा कि वे होर्मुज की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजें। इस जलमार्ग से दुनिया के कुल व्यापारिक तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।

इजरायल और अमेरिका का ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण इस मार्ग पर तेल परिवहन बाधित हो गया है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ट्रंप ने कहा, "मैं इन देशों से मांग कर रहा हूं कि वे अपनी ही क्षेत्र की रक्षा करें, क्योंकि यह उनका अपना क्षेत्र है।" उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों का नाम लिया।

ट्रंप का दावा है कि अमेरिका को इसकी जरूरत नहीं क्योंकि उसके पास खुद पर्याप्त तेल है, लेकिन अन्य देशों को मिलकर इसकी सुरक्षा करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी भी दी कि सहयोग न करने वाले देशों को याद रखा जाएगा।

फ्रांस और जर्मनी का इनकार

हालांकि, ट्रंप ने जिन देशों से मदद मांगी है, खबर लिखे जाने तक उनकी तरफ कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। ब्रिटेन ने स्थिति पर चर्चा की बात कही, लेकिन एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने से इनकार कर दिया। चीन ने कहा कि सभी पक्षों को ऊर्जा आपूर्ति स्थिर रखने की जिम्मेदारी है और वह संबंधित पक्षों से बातचीत बढ़ाएगा। दक्षिण कोरिया ने स्थिति पर नजर रखने और समन्वय करने की बात कही, जबकि फ्रांस और जर्मनी ने फिलहाल सक्रिय भागीदारी से इनकार किया।

ईरान के सख्त तेवर

यह युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों से शुरू हुआ था, जो उस समय ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अप्रत्यक्ष बातचीत के दौरान हुआ। अब युद्ध तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी है, लेकिन अन्य देशों के जहाजों को कुछ हद तक पास होने दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका से बातचीत की कोई वजह नहीं दिखती और युद्ध खत्म करने पर कोई योजना नहीं है।

ईरान में 1,300 से ज्यादा मौत

क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है। खाड़ी देशों में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से दर्जनों नागरिक मारे गए हैं, इसमें ज्यादातर प्रवासी मजदूर थे। ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों से 1,300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इजरायल में ईरानी हमलों से 12 लोग मारे गए। इराक में अमेरिकी दूतावास पर हमले हुए और अमेरिकी सेना के 13 जवान मारे गए, जिसमें एक विमान दुर्घटना में 6 शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 41.2 करोड़ बैरल आपातकालीन तेल भंडार बाजार में जारी किया है ताकि कीमतें नियंत्रित रहें। ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा और कीमतें गिरेंगी, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा कूटनीतिक समाधान नजर नहीं आ रहा।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 16 March 2026 at 07:41 IST