US-Iran Peace Deal: परमाणु हथियार नहीं बनाएगा ईरान, खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट, फ्रीज फंड्स होंगे रिलीज... वो तीन अहम मुद्दे जिन पर टिकी है पूरी डील
US-Iran Deal: समझौते पर जल्द साइन होने की उम्मीद है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर चुके हैं कि रविवार, 14 जून को ही समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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US-Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा संघर्ष अब शांतिपूर्ण हल की राह पर दिख रहा है। दोनों देशों के बीच पीस डील का एक ड्राफ्ट समझौता सामने आया है, जिस पर जल्द हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। ड्राफ्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम, तेल व्यापार, होर्मुज जलडमरूमध्य और अरबों डॉलर के फ्रीज फंड्स समेत कई मुद्दों पर सहमति बनी है।
तीन मुद्दे जिन पर टिकी है पूरी डील
परमाणु कार्यक्रम
ईरान का परमाणु कार्यक्रम वाशिंगटन के लिए हमेशा से सबसे बड़ा सिरदर्द रहा है। ड्राफ्ट के अनुसार, ईरान सबसे महत्वपूर्ण वादा परमाणु हथियार न बनाने को लेकर कर रहा है। ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह न तो खुद परमाणु हथियार विकसित करेगा और न ही किसी अन्य माध्यम से हासिल करने की कोशिश करेगा।
साथ ही ईरान के पास मौजूद उच्च संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) के भंडार को भी कम करने पर सहमति बन रही है। हालांकि इस प्रक्रिया की तकनीकी बारीकियां अभी तय होनी हैं। ड्राफ्ट के अनुसार दोनों पक्ष अगले दो महीनों में इन तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देंगे।
होर्मुज खुलेगा
अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग शुरू होने के बाद से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव बना हुआ है। दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए इस जलमार्ग को तुरंत खोल देगा, बिना किसी टोल या बाधा के। बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा लेगा। इससे न सिर्फ तेल की कीमतों में स्थिरता आएगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला भी सामान्य हो सकेगी।
फ्रोजन फंड्स
ईरान के लिए सबसे बड़ा फायदा फ्रीज किए गए फंड्स की रिहाई है। अनुमान है कि अमेरिका लगभग 25 अरब डॉलर के फंड्स को रिलीज करने पर सहमत हो गया है। यह रकम डायरेक्ट ट्रांसफर, क्रेडिट लाइन या क्षेत्रीय सहयोग के जरिए उपलब्ध हो सकती है। साथ ही, ईरान पर लगे कुछ तेल प्रतिबंधों में अस्थायी छूट दी जाएगी, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेच सकेगा और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकेगा।
डील पर साइन कब होंगे?
डील फाइनल मानी जा रही है और इस पर जल्द साइन होने की भी उम्मीद है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर चुके हैं कि रविवार, 14 जून को ही समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा था कि डिजिटल माध्यम से दस्तखत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हालांकि ईरान ने उनके दावे को खारिज कर दिया था।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 14 June 2026 at 19:37 IST