'बांग्लादेश बना दूसरा पाकिस्तान, अब यहीं से निकलेंगे आतंकी...', शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय ने भारत को चेताया
शेख हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय ने चेतावनी दी कि बांग्लादेश अब भारत के लिए दूसरा पाकिस्तान बन चुका है। उनके मुताबिक, अगर अभी नहीं रोका गया तो आने वाले समय में आतंकी यहीं से निकलेंगे।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Sheikh Hasina Son Alleges Bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और पूर्व सलाहकार साजीब वाजेद जॉय ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के लिए इस समय सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती उसका पूर्वी मोर्चा है, क्योंकि बांग्लादेश अब एक और पाकिस्तान बन गया है। उनके मुताबिक, यह घटनाक्रम भारत के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
नई दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन से पहले साजीब वाजेद ने कहा, ‘भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह होनी चाहिए कि बांग्लादेश, भारत के पूर्वी मोर्चे पर एक और पाकिस्तान बन गया है। विदेशी खुफिया एजेंसियों, खासकर ISI को खुली छूट मिली हुई है। अगर इसे अभी नहीं रोका गया, तो भविष्य में दुनिया भर में आतंकवादी बांग्लादेश से ही आएंगे।’
शेख हसीना का बड़ा खुलासा
वहीं सत्ता गंवाने के दो साल बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आखिरकार पहली बार 5 अगस्त 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान वह जुलाई-अगस्त 2024 की घटनाओं को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में छात्र प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। उनकी सरकार बातचीत के लिए तैयार थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में कुछ संगठित समूहों ने छात्र आंदोलन का इस्तेमाल हिंसा फैलाने के लिए किया।
'बांग्लादेश में तख्तापलट का असली मास्टरमाइंड…'
हसीना ने दावा करते हुए कहा कि खुद मुहम्मद यूनुस ने कहा था कि 'यह आंदोलन बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया था, जिसकी अगुवाई एक मास्टरमाइंड कर रहा था। उनके अपने शब्द ही सच्चाई को उजागर करते हैं। यह सिर्फ छात्रों का अचानक शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन नहीं था। इसमें कोई साफ या जिम्मेदार नेतृत्व नहीं था, बल्कि निर्देश पर्दे के पीछे से दिए जा रहे थे। इसे संगठित और निर्देशित किया गया था और इसका इस्तेमाल बैलेट बॉक्स के बाहर सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाने के लिए किया गया था।'
बांग्लादेश कब लौटेंगी शेख हसीना?
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी हत्या की 19 बार कोशिश हुई है, इसके बावजूद वह बांग्लादेश लौटेंगी। हसीना ने कहा कि मैं एक ऐसी व्यक्ति के तौर पर बात कर रही हूं जिसने अपनी जिंदगी बांग्लादेश के लोगों के साथ बिताई है और जिसे अपने देश से दूर जाने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन मैं कभी भी अपने लोगों से अलग नहीं हुई।
वह कहती हैं कि बांग्लादेश के लोगों ने पिछले दो सालों में बहुत दर्द झेला है, चारों तरफ डर फैल गया है और इस डर को खत्म करने के लिए वह इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी। ऐसा करने पर भले ही उनकी जान ही क्यों न चली जाए।
कैमरा बंद में दिया वर्जुअल भाषण
उन्होंने करीब 25 मिनट तक अपना संबोधन दिया। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से उनका कैमरा बंद था, इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल उनकी आवाज सुनाई दे रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश की मौजूद सरकार उन्हें झूठे मुकदमों, मौत की सजा और दिखावटी सुनवाई से डरा नहीं सकती है।
दो साल पहले छोड़ा था बांग्लादेश
बता दें कि शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश छोड़ा था। छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद हुए तख्तापलट के बाद उन्हें प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था और वह ढाका छोड़ भारत आ गई थीं।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 6 August 2026 at 08:04 IST