EXCLUSIVE/ होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का रवैया भविष्य में क्या होगा? उप विदेश मंत्री ने कर दिया बड़ा ऐलान, कहा- ओमान के साथ मिलकर...
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की नीति पर बघाई ने स्पष्ट किया कि ईरान वहां का तटीय राज्य है और पहले भी होमुर्ज की सुरक्षा का जिम्मा निभाता रहा है।
ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से जंग जारी है। इस संघर्ष की वजह से खाड़ी देशों से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में होने वाली क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई बाधित हुई है। होर्मुज स्ट्रेट से ईंधन की सप्लाई बाधित होने की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट के हालात बन गए हैं। इस बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता और उप विदेश मंत्री इस्माइल बघाई ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी से एक्सक्लूसिव बातचीत की। उन्होंने इस खास इंटरव्यू में अमेरिका, इजरायल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खुलकर बातचीत की।
इस्माइल बघाई ने होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के भविष्य में होने वाले फैसलों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को लेकर कोई वार्ता नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन की ओर से केवल नेगोशिएशन का प्रस्ताव आया है। प्रस्ताव में शांति समझौते के लिए अमेरिका की मांगें भी शामिल हैं। लेकिन उन्होंने साफ किया कि ये प्रस्ताव सीधे अमेरिका से नहीं आया है। कुछ मध्यस्थों से आया है, जिसमें पाकिस्तान भी है। इसे अमेरिका के साथ सीधी बातचीत न समझा जाए।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बताया ईरान का फ्यूचर प्लान
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की नीति पर बघाई ने स्पष्ट किया कि ईरान वहां का तटीय राज्य है और पहले भी होमुर्ज की सुरक्षा का जिम्मा निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान युद्ध की स्थिति में ईरान केवल यह निश्चित करने के लिए कुछ “सुरक्षा उपाय” ले रहा है कि हमले के बीच कोई भी दुश्मन इस वॉटर वे का दुरुपयोग न करे।
उन्होंने बताया कि भारतीय वाणिज्य जहाज पहले से निर्देशित समन्वय के साथ होर्मुज से सुरक्षित गुजर चुके हैं, और भारत के साथ दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच वार्ता चल रही है ताकि भारत के लिए तेल और एलपीजी जैसे जरूरी सामानों को किल्लत ना हो। उन्होंने आगे कहा कि ओमान और ईरान दो तटीय देश हैं। हम होर्मुज स्ट्रेट की रक्षा पिछले पांच दशकों से अधिक समय से कर रहे हैं। जहाजों और पोतों के आने-जाने के संबंध में कुछ उपाय अपनाने जरूरी है क्योंकि हम अमेरिका, इजरायल और उनके समर्थकों के साथ युद्ध लड़ रहे हैं।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर सख्ती बरतते हुए कहा है कि क्या तटीय राष्ट्र आक्रामक पक्षों को इस जलमार्ग का दुरुपयोग करने की इजाजत दे सकता है, जो ईरान के खिलाफ अपनी आक्रामकता को बढ़ावा दे रहे हैं? ईरान के अधिकारियों का मानना है कि ऐसी स्थिति में हर तटीय देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए समान कदम उठाएगा।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 31 March 2026 at 20:14 IST