"खून का बदला लेंगे", पिता के अंतिम संस्कार के बाद मोजतबा खामेनेई का पहला बयान, इंतकाम लेने की खाई कसम

मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहला बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि पूरा ईरानी राष्ट्र हजरत हुसैन के खून का बदला लेना चाहता है। उन्होंने पिता के खून और हाल के दो युद्धों के शहीदों का इंतकाम लेने की कसम खाई। हत्यारों को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके नाम सबसे ऊंचे से नीचे तक दर्ज हैं और वे बिस्तर पर शांति से मरने का सपना कभी पूरा नहीं कर पाएंगे।

मोजतबा खामेनेई ने इंतकाम लेने की खाई कसम | Image: AP

ईरान के सुप्रीम नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने अपने पिता और सर्वोच्च नेता पूर्व अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहला बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने साफ कहा है कि वे अपने पिता के खून का बदला लेंगे। उन्होंने राष्ट्र की मांग के मुताबिक बदला लेने की प्रतिज्ञा की है।

मोजतबा ने X पर एक के बाद एक 5 पोस्ट कर अपने पिता के खून का बदला लेने की साफ-साफ कसम खाई है। उन्होंने कहा कि पूरा ईरानी राष्ट्र हजरत हुसैन (अलैहिस्सलाम) के खून का बदला लेना चाहता है। उन्होंने बताया कि सालों से ईरानी लोग हुसैन के रास्ते पर चलते हुए अपने बच्चों की कुर्बानी देते आए हैं। वे हुसैन के दुश्मनों से लड़ते रहे हैं और आज भी वही लड़ाई जारी है।

मोजतबा खामेनेई ने उकसाने वाले शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि अब राष्ट्र अपने समय के हुसैन जैसे लोगों के खून का भी बदला लेना चाहता है। उन्होंने अपने पिता को संबोधित करते हुए कहा-

“हे अन्याय से मारे गए लीडर! हे अल्लाह के नेक बंदे! हम आपकी विरासत की रक्षा करने की कसम खाते हैं। आपके बताए रास्ते पर मजबूती से चलेंगे। रास्ते में आने वाली किसी भी मुश्किल से नहीं डरेंगे। आपके जैसे हम भी अल्लाह के वादों और खुशखबरियों पर भरोसा रखेंगे।”

"हत्या का लेंगे बदला"

उन्होंने आगे कहा कि वे अपने पिता के पाक खून और हाल के दो युद्धों के सभी शहीदों के खून का बदला उन अपराधी और बदनाम हत्यारों से लेंगे। यह बदला राष्ट्र की मांग है और इसे जरूर पूरा किया जाएगा। मोताबा खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि पिता की हत्या करने वाले अपराधी बिस्तर पर शांति से मरने का सपना कभी पूरा नहीं कर पाएंगे। उन्हें अपनी कब्र तक यही सपना लेकर जाना पड़ेगा।

बयान का मकसद

यह बयान मोताबा खामेनेई का पहला सार्वजनिक बयान है जो पिता की अंतिम संस्कार के बाद आया है। इसमें उन्होंने पिता की याद, राष्ट्र की इच्छा और बदला लेने की दृढ़ इच्छा जताई है।

खामेनेई की हत्या

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के पहले दिन 28 फरवरी, 2026 को अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान अमेरिकी-इजरायल हवाई हमलों में उनके आवास पर हमला हुआ और उनकी हत्या कर दी गई। हमले के बाद एक सैटेलाइट तस्वीर में ईरानी नेता के परिसर से काले धुएं के घने गुबार उठते हुए दिखाई दिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि खामेनेई अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और उनके अत्यंत उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाए। हवाई हमले के बाद खामेनेई का आवास ढह जाने के बाद मलबे में उनका शव मिला था।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 11 July 2026 at 19:57 IST