अमेरिका-ईरान एक दूसरे पर हमला रोकने के लिए सहमत, कतर में आमने-सामने बैठकर बातचीत के लिए भी तैयार; होर्मुज पर आ सकता बड़ा फैसला

अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमला रोकने के लिए फिलहाल सहमत हो गए हैं। दोनों देश मंगलवार को कतर में सीनियर लेवल की बातचीत करने वाले हैं।

अमेरिका-ईरान एक दूसरे पर हमला रोकने के लिए हुए सहमत | Image: AI Generated

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया था। दोनों देशों के बीच हमला शुरू होने से मिडिल ईस्ट के देशों ने भी चिंता जताई थी ।मगर फिलहाल दोनों देश एक-दूसरे पर हमला रोकने पर सहमत हो गए हैं। इस समझौते के तहत मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की बैठक होगी, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर उत्पन्न विवाद का समाधान निकालने पर चर्चा होगी।

अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमला रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। दोनों देश मंगलवार को कतर में सीनियर लेवल की बातचीत करने वाले हैं। दोनों देशों के बीच यह समझौता उनके नाजुक शांति समझौते को बनाए रखने की एक नई कोशिश है। बीते दिनों होर्मुज में जहाजों पर हमले के बाद दोनों देश फिर से आमने-सामने हो गए थे, जिससे दो हफ्ते पहले ही घोषित हुए अहम शांति समझौते के टूटने का खतरा मंडराने लगा था।

अमेरिका-ईरान एक दूसरे पर नहीं करेगा हमला

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटने और सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमत हो गए हैं। कतर में दूसरी दौर की बातचीत से पहले यह सहमति बनी है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में तकनीकी स्तर की वार्ता होगी। इसमें मुख्य रूप से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पर चर्चा होगी।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर कॉमर्शियल जहाजों की आवाजाही में बाधा डाली गई तो अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

दोहा में होर्मुज पर बड़ा फैसला आने की उम्मीद

यह मीटिंग असल में ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़ी बातचीत के हिस्से के तौर पर स्विट्जरलैंड में होनी थी। हालांकि, वीकेंड में फिर से मिलिट्री बातचीत के बाद, डिप्लोमैट्स ने जगह दोहा में शिफ्ट कर दी और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े विवादों को सुलझाने पर फोकस करने के लिए एजेंडा को बेहतर बनाया। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हुए मात्र 11 दिन ही बीते हैं, लेकिन यह पहले से ही कमजोर स्थिति में था। सीजफायर के बावजूद दोनों पक्षों के बीच एक-दूसरे पर हमले की घटनाएं सामने आई थीं।  

होर्मुज में बिना रोक-टोक गुजरेंगे जहाज?

अब शांति समझौते को स्थिर करने और आगे मिलिट्री तनाव को रोकने की कोशिश में दोहा में होने वाली बातचीत के लिए दोनों देश तैयार हुए हैं। दोनों देशों के बीच यह अस्थायी सहमति क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल निर्यात होता है। बातचीत जारी रहने के दौरान होर्मुज में जहाज बिना किसी रोक-टोक के आ-जा सकेंगे। 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 29 June 2026 at 08:37 IST