'होर्मुज बाहरी ताकतों के मिलिट्री प्रदर्शन का थिएटर नहीं, गुस्ताखी की तो...', ब्रिटेन और फ्रांस को ईरान की खुली चेतावनी
ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz विदेशी शक्तियों का सैन्य प्रदर्शन का मैदान नहीं है। उप विदेश मंत्री घरीबाबादी ने कहा कि इस क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी तटीय देशों की है। ब्रिटेन-फ्रांस के संयुक्त बयान के जवाब में ईरान ने कहा कि कोई भी बाहरी देश संकट पैदा करने की कोशिश करेगा तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read
ईरान ने साफ कहा है कि होर्मुज का जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) विदेशी शक्तियों के सैन्य प्रदर्शन का मैदान नहीं है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम घरीबाबादी (Kazem Gharibabadi) ने यह चेतावनी दी है। ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा का जिम्मेदार देश है और यहां किसी भी विदेशी सैन्य गतिविधि पर सख्त नजर रख रहा है।
घरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि होर्मुज की सुरक्षा की जिम्मेदारी आस-पास के देशों की है। उन्होंने कहा किसी भी विदेशी देश के सैन्य जहाजों या गतिविधियों पर ईरान नजर रख रहा है। जो देश संकट पैदा करेंगे, उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
यह बयान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) के संयुक्त बयान के जवाब में दिया गया है।
ब्रिटेन और फ्रांस ने क्या कहा?
ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त बयान में ओमान के साथ मिलकर कहा कि होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वे काम करेंगे। उन्होंने कहा कि यह रास्ता दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर जरूरी हुआ तो वे बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन भी भेज सकते हैं। ओमान ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर अपने क्षेत्रीय जल में नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है।
ईरान की मजबूत प्रतिक्रिया
ईरान ने पहले भी 2 जुलाई को बहरीन में आयोजित अमेरिका समर्थित क्षेत्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन की कड़ी आलोचना की थी। घरीबाबादी ने कहा था कि होर्मुज ईरान के नियंत्रण में है, न कि CENTCOM के। पश्चिमी देशों द्वारा फारस की खाड़ी और होर्मुज में सुरक्षा ढांचा थोपने की कोशिशों को ईरान सिरे से खारिज करता है।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज?
यह संकीर्ण समुद्री रास्ता फारस की खाड़ी को खुली समुद्र से जोड़ता है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल यहां से गुजरता है। इसलिए इसकी सुरक्षा पर सबकी नजर रहती है। ईरान पहले भी कह चुका है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा का फैसला विदेशी देश नहीं, बल्कि आसपास के देश ही करेंगे। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि कोई भी बाहरी ताकत यहां सैन्य ताकत दिखाने की कोशिश न करे। स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी देश इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते की सुरक्षा पर नजर रखे हुए हैं।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 4 July 2026 at 16:16 IST