शेख हसीना के देश छोड़ते ही PM हाउस में घुसे प्रदर्शनकारी, बंगबंधु की मूर्ति पर बरसाए हथौड़े; VIDEO

प्रदर्शनकारियों में शेख हसीना के विरोध की आग इस कदर दिखी कि उन्होंने बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्ति को भी नहीं छोड़ा।

Bangladesh Protesters Broke Sheikh Mujibur Rahman Statue: बांग्लादेश में जारी कोटा विरोध प्रदर्शन के बीच शेख हसीना ने पीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं बड़े पैमाने पर हिंसा और सेना की ओर से मिले अल्टीमेटम के बाद वो देश छोड़कर भी भाग गईं। इस बीच शेख हसीना के राजधानी ढाका छोड़ते ही प्रदर्शनकारी गणभवन (बांग्लादेश का प्रधानमंत्री आवास) पर धावा बोल दिया। उन्होंने गणभवन में जमकर उत्पाद मचाया और लूटपाट की। प्रदर्शनकारियों में शेख हसीना के विरोध की आग इस कदर देखने को मिली कि उन्होंने उनके पिता और बांग्लादेश के बनने में अहम रोल अदा करने वाले शेख मुजीबुर्रहमान को भी नहीं छोड़ा। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले मुजीबुर्रहमान की मूर्ति तक तोड़ डाली।

दरअसल, सोशल मीडिया पर बांग्लादेश में मची हिंसा के तमाम वीडियो सामने आए हैं, जिनमें से एक शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ की भी है। वीडियो में उपद्रवी शेख मुजीबुर्रहमान की मूर्ति पर चढ़कर हथौड़े से तोड़ते नजर आ रहे हैं। क्लिप में एक शख्स बंगबंधु की प्रतिमा पर हथौड़ा चलाते दिख रहा है। इसके अलावा उनकी मूर्ति को गिराने के लिए बुलडोजर भी चलाया गया। शेख मुजीब की मूर्ति पर हथौड़ा और बुलडोजर चलाना हर किसी को हैरत में डाल रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुजीबुर्रहमान बांग्लादेश के संस्थापक रहे। उन्होंने ही बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में प्रमुख भूमिका निभाई थी।

सैनिक तख्तापलट के दौरान बंगबंधु की हत्या

हालांकि पाकिस्तान से 9 महीने तक चले मुक्ति संग्राम के बाद भले ही बांग्लादेश को आजादी मिल गई। लेकिन बांग्लादेश बनने के तीन साल बाद ही 15 अगस्त 1975 को सैनिक तख्तापलट के दौरान बंगबंधु की हत्या कर दी गई। पिता की हत्या के बाद जर्मनी से दिल्ली लौटीं शेख हसीना अपनी बहन के साथ कई सालों तक भारत की राजधानी में रहीं। इसके बाद उन्होंने पिता की राजनीतिक विरासत को संभालने की ठानी। फिर 1981 में शेख हसीना ने बांग्लादेश में वापसी की और लोकतंत्र को लेकर मुखर हुईं।

मुजीबुर्रहमान ने बांग्लादेश को दिलाई थी आजादी की सांस

बता दें कि शेख मुजीबुर्रहमान ने बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजादी की सांस दिलाई थी। भारत में मुजीबुर्रहमान को बंगबंधु के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि बांग्लादेश की स्थापना के समय वहां हालात सही नहीं थे, जिसकी वजह से उन्होंने अपनी बेटी शेख हसीना को भारत में रखा था। शेख हसीना की पढ़ाई-लिखाई भारत में ही हुई। यही वजह है कि भारत से उनका बेहद पुराना नाता है।  

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 6 August 2024 at 08:48 IST