अपडेटेड 17 February 2023 at 13:40 IST
Pakistan: भ्रष्ट PAK सेना पर उठाया सवाल तो 3 साल की हुई सजा, भारत के शहीदों पर बदजुबानी आम बात
पाकिस्तान (Pakistan) के एक सोशल मीडिया एक्टिविस्ट को उसकी भ्रष्ट सेना (Pakistan Army) पर सवाल उठाने के आरोप में 3 साल की सजा सुनाई गई है।
पाकिस्तान (Pakistan) के एक सोशल मीडिया एक्टिविस्ट को उसकी भ्रष्ट सेना (Pakistan Army) पर सवाल उठाने के आरोप में 3 साल की सजा सुनाई गई है। फैसलाबाद में एक जिला और सत्र अदालत ने एक इमरान खान की पार्टी PTI के समर्थक को यह सजा सुनाई है। सजा पाए सिकंदर जमान (30) को पिछले साल पाकिस्तानी जांच एजेंसी FIA ने गिरफ्तार किया था।
सिकंदर के खिलाफ पाकिस्तान की धारा 20 (दुर्भावनापूर्ण कोड) और 24 (सी) (सूचना प्रणाली के संबंध में किए गए अपराधों की कानूनी मान्यता), इलेक्ट्रॉनिक अपराध अधिनियम, 2016 की रोकथाम के तहत शिकायत दर्ज की गई थी। इसके साथ ही पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि के लिए सजा) और 505 (सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान) भी लगाया गया है।
200 से भी कम फॉलोवर वाले यूजर के कमेंट पर की कार्रवाई
पाक लायर्स फोरम ने बताया कि सिकंदर ने जिस अकाउंट से ट्वीट किया था, उसके कुल 184 फॉलोअर्स थे। पुलिस ने जमान का मोबाइल फोन और ट्विटर अकाउंट भी जब्त कर लिया है।
जमान के खिलाफ दर्ज FIR के अनुसार, उसने 'दहशत फैलाने' के इरादे से पिछले साल हुए पाकिस्तानी सेना के हेलीकॉप्टर क्रैश को लेकर ट्वीट किया था। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बताते चलें कि अगस्त 2022 में, बलूचिस्तान के लासबेला में पाकिस्तानी सेना के हेलिकॉप्टर को बलूच विद्रोहियों ने मार गिराया था, जिसमें 6 अधिकारियों और सैनिकों की मौत हो गई थी, जिसमें उनके 12वीं कोर का कमांडर ले. जनरल सैयद मुनीर भी शामिल था। पाकिस्तान ने इस घटना को हादसा बताया था।
कई देशों से उलट हैं भारत के हालात, शहीदों की शहादत पर उठाए जाते हैं सवाल
गौरतलब है कि पाकिस्तान जैसे देश में जहां सेना पर भ्रष्टाचार और अत्याचार के कई आरोप लगते हैं। वहां सेना के खिलाफ बोलने पर युवक को 3 साल की सजा सुनाई गई है। पाकिस्तान में ऐसा होना तो समझ भी आता है क्योंकि उन पर लगे आरोप सच साबित होते हैं, जिसके कई उदाहरण इतिहास से लेकर यहां भी मौजूद है। लेकिन किसी भी सभ्य देश में सेना के खिलाफ बोलने या टिप्पणी करने को लेकर लोग बेहद संवेदनशीलता बरतते हैं। जबकि, भारत में ठीक इससे उलट देखने को मिलता है, कि जहां विपक्ष और लोग सेना पर हमलावर भी रहते हैं। लेकिन सेना हर जरूरत के समय सबसे आगे खड़ी मिलती है। LOC से लेकर LAC तक सेना हर मौसम में तैनात रहती है। वहीं घाटी में आई बाढ़ हो या मोरबी में पुल गिरने का हादसा सेना लोगों को राहत पहुंचाने और सुरक्षित करने में सहायक रहती है। हालांकि सेना को फिर भी राजनीतिक हमलों का शिकार होना पड़ता है।
भारत में तो शहीदों की शहादत को लेकर भी सवाल उठा दिए जाते हैं। कई नेता आतंकी हमलों को भी साजिश करार दे देते हैं। कई बार अहम ऑपरेशंस के सबूत तक मांग लिए जाते हैं।
Published By : Nripendra Singh
पब्लिश्ड 17 February 2023 at 13:40 IST