ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच किम जोंग ने किया धमाका, दाग दी बैलिस्टिक मिसाइल, जापान समेत पड़ोसी देशों में अलर्ट
North Korea Missile Launch: ईरान-अमेरिका युद्ध विराम के बीच उत्तर कोरिया ने बुधवार को कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर तनाव बढ़ा दिया है।
US Iran War: उत्तर कोरिया ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ जहां मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम (Ceasefire) की खबरें राहत दे रही थीं, वहीं दूसरी ओर किम जोंग उन की सेना ने समुद्र की ओर एक के बाद एक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर तनाव पैदा कर दिया है।
उत्तर कोरिया ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं
बताया जा रहा है कि बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तटीय शहर वॉनसन से कम दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरियाई सेना (JCS) के मुताबिक, ये मिसाइलें करीब 240 किलोमीटर तक उड़ीं और पूर्वी समुद्री क्षेत्र (Sea of Japan) में जा गिरीं। इससे ठीक एक दिन पहले यानी मंगलवार को भी प्योंगयांग के पास से एक अज्ञात मिसाइल लॉन्च की गई थी, जो शुरुआती चरण में ही विफल होती दिखी। हालांकि जापान ने इस टेस्टिंग के तुरंत बाद इमरजेंसी अलर्ट जारी किया और जहाजों को सतर्क रहने की चेतावनी दे दी।
क्यों भड़के हैं किम जोंग उन?
किम जोंग उन की इस हरकत के पीछे कई गहरे राजनीतिक और सैन्य कारण माने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस समय अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता दिख रहा है, उत्तर कोरिया यह जताना चाहता है कि वह अभी भी एक बड़ी परमाणु शक्ति है और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दक्षिण कोरिया को बताया 'सबसे बड़ा दुश्मन'
उत्तर कोरिया ने हाल ही में अपने संविधान और आधिकारिक बयानों में दक्षिण कोरिया को अपना "सबसे कट्टर और स्थायी दुश्मन" घोषित किया है। किम जोंग उन ने साफ कर दिया है कि उन्हें अब सुलह या बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है।
हाल ही में दक्षिण कोरियाई नागरिकों द्वारा उत्तर कोरिया में भेजे गए ड्रोनों को लेकर प्योंगयांग बेहद गुस्से में है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के खेद जताने के बावजूद, उत्तर कोरिया इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है।
उत्तर कोरिया की अगली रणनीति
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन अब एक 'कोल्ड पीस' (Cold Peace) की नीति पर चल रहे हैं, जिसका मतलब है… न कोई सैन्य टकराव और न ही कोई बातचीत। इसी बीच ऐसी बात भी चल रही है कि किम जोंग उन का लक्ष्य ऐसी मिसाइलें बनाना है जो एक साथ कई परमाणु हथियार (Warheads) ले जा सकें और सीधे अमेरिका को निशाना बना सकें।
परमाणु शक्ति का विस्तार पर लक्ष्य
हाल ही में उन्होंने संसद में दिए भाषण में कहा कि वे उत्तर कोरिया को हमेशा के लिए एक "अपराजेय परमाणु शक्ति" बनाना चाहते हैं। उत्तर कोरिया के इन परीक्षणों ने एक बार फिर दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। वहीं दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ मिलकर किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 8 April 2026 at 18:05 IST