अपडेटेड 26 February 2026 at 20:07 IST
भारत-इजरायल संबंधों का नया अध्याय, FTA जल्द लग सकती है मोहर, अब होने वाली है बड़ी डील
भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर बातचीत फिर से शुरू हो गई है और जल्द अंतिम रूप ले सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल दौरे के दौरान इसकी घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इजरायल की अपनी यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर बातचीत फिर से शुरू हो गई है और यह जल्द ही अंतिम रूप ले सकती है। यह घोषणा दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भारत और इजरायल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा 26 फरवरी 2026 को इजरायल में की गई, जहां पीएम मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि दोनों देशों के बीच FTA पर चर्चा शुरू हो चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता दोनों देशों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक रूप से मजबूत करने पर केंद्रित थी, जिसमें रक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, व्यापार, कृषि और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच 'म्युचुअली बेनिफिशियल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। FTA पर बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी 2026 से नई दिल्ली में शुरू हुआ था, जो 26 फरवरी तक चला। दोनों पक्षों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए और जल्द ही आम सहमति बनने की उम्मीद है।
क्यों जरूरी है FTA?
यह FTA इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और इजरायल के बीच वर्तमान व्यापार मात्रा सीमित है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग 3.62 बिलियन डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात करीब 2.14 बिलियन डॉलर और आयात 1.6 बिलियन डॉलर था। मुख्य व्यापारिक वस्तुओं में हीरे, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पाद, मशीनरी और हाई-टेक सामान शामिल हैं। FTA लागू होने पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार में तेजी आएगी, नए सेक्टर खुलेंगे और निवेश बढ़ेगा। इससे एमएसएमई और अन्य व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।
स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया है। पीएम मोदी ने कहा, "हमारे रिश्ते समय की हर कसौटी पर खरे उतरे हैं।" इसके अलावा 16 से अधिक समझौते हुए, जिनमें AI, साइबर सिक्योरिटी, शिक्षा, UPI का इजरायल में उपयोग, रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी शामिल हैं। UPI के इजरायल में लागू होने से डिजिटल पेमेंट आसान होगा और पर्यटन-व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर भी जोर दिया और कहा कि दोनों देश कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ है, जो रक्षा, टेक्नोलॉजी, व्यापार और रणनीतिक क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगा।
यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, खासकर जब भारत दुनिया की टॉप अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है और इजरायल इनोवेशन का हब है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 26 February 2026 at 20:07 IST