अपडेटेड 21 January 2026 at 21:40 IST
ट्रंप की टैरिफ धमकी पर ब्रिटेन अडिग, प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने संसद से दी कड़ी चेतावनी, कहा- 'मैं झुकूंगा नहीं...'
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने संसद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड खरीदने की मांग और टैरिफ धमकियों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "मैं झुकूंगा नहीं। ब्रिटेन अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर टैरिफ की धमकी से नहीं झुकेगा।"
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ धमकियों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ब्रिटिश संसद में स्पष्ट कहा कि ब्रिटेन इन धमकियों के आगे नहीं झुकेगा और ग्रीनलैंड का भविष्य केवल ग्रीनलैंड के लोगों और डेनमार्क का मामला है।
ट्रंप ने हाल ही में कहा कि वे ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की मांग कर रहे हैं, जिसे वे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्कटिक क्षेत्र में रूस-चीन के प्रभाव से बचाव के लिए जरूरी बताते हैं। उन्होंने विरोध करने वाले आठ देशों- डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स और ब्रिटेन पर 1 फरवरी से 10% टैरिफ लगाने की धमकी दी, जो 1 जून से बढ़कर 25% हो सकती है, जब तक ग्रीनलैंड की खरीद का सौदा नहीं हो जाता।
स्टार्मर का सख्त बयान
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों के जवाब में यूरोपीय देशों ने एकजुट होकर कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य उसके लोगों और डेनमार्क पर निर्भर है। कई देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य अभ्यास के लिए छोटी टुकड़ियां भेजीं, जिसे ट्रंप ने विरोध के रूप में देखा। स्टार्मर ने डाउनिंग स्ट्रीट से प्रेस कॉन्फ्रेंस और संसद में कहा कि टैरिफ की धमकी सहयोगियों पर दबाव डालने का तरीका पूरी तरह गलत है। उन्होंने ट्रंप से फोन पर बात की और कहा कि नाटो सहयोगियों की सामूहिक सुरक्षा के लिए टैरिफ लगाना गलत है।
"मैं झुकूंगा नहीं..."
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपना स्पष्ट संदेश संसद में दोहराते हुए कहा कि "मैं झुकूंगा नहीं..."। उन्होंने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (Mette Frederiksen) से मुलाकात की योजना बनाई और शांतिपूर्ण चर्चा पर जोर दिया, लेकिन सिद्धांतों पर समझौता नहीं करने की बात कही। स्टार्मर ने ट्रंप के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन इस मुद्दे पर ब्रिटेन के मूल्यों और सिद्धांतों पर अडिग रहने की बात की। उन्होंने रिटेलिएटरी टैरिफ की संभावना को अभी टालते हुए कहा कि ट्रेड वॉर किसी के हित में नहीं।
अन्य प्रभावित देश
ट्रंप की टैरिफ धमकी का सामना करने वाले देशों में ब्रिटेन शामिल है। इन देशों में डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड्स भी शामिल है। ये सभी नाटो सदस्य हैं और ग्रीनलैंड की संप्रभुता का समर्थन कर रहे हैं। यूरोपीय संघ और इन देशों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि ऐसी धमकियां ट्रांसअटलांटिक संबंधों को कमजोर करती हैं।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 21 January 2026 at 21:40 IST