अपडेटेड 15 March 2026 at 11:37 IST

आयरन डोम के चिथड़े उड़ा देगा ईरान! इजरायल के पास घटने लगीं बैलिस्टिक मिसाइलें; युद्ध के बीच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, अब क्या करेंगे ट्रंप?

इजरायल और ईरान के बीच पिछले 14 दिनों से संघर्ष जारी है। इस बीच खबरें हैं कि इजरायल के पास इंटरसेप्टर मिसाइलें कथित तौर पर घटने लगी है।

Netanyahu | Image: Republic

Israel-Iran War: इजरायल और ईरान के बीच का संघर्ष पिछले 14 दिन से जारी है। दोनों मुल्क एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमला करने से पीछे नहीं हट रहे। ईरान ने अब ऐसे हथियारों से हमले शुरू कर दिए हैं जो आयरम डोम यानी इजरायल के सुरक्षा कवच को फेल कर रहे हैं और यहूदी देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस बीच खबरें हैं कि इजरायल के पास इंटरसेप्टर मिसाइलें कथित तौर पर घटने लगी हैं।

सोमाफोर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से परिचित अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया गया कि इस सप्ताह अमेरिका को जानकारी दी गई है कि ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच इजरायल के पास बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर की भारी कमी हो गई है। हालांकि, अभी तक इस रिपोर्ट की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

अमेरिका को पहले से थी भनक?

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका को महीनों से इस बात की जानकारी थी कि इजरायल की क्षमता कम है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अमेरिका के पास अपने इंटरसेप्टर की कोई कमी नहीं है।

एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है, 'इस बारे में अमेरिका ने पहले ही उम्मीद की थी और इसका पहले ही अंदाजा था। हमारे पास इस क्षेत्र में अपने ठिकानों, अपने कर्मियों और अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी सभी चीजें मौजूद हैं।'

इजरायल के पास दस से भी कम इंटरसेप्टर?

अधिकारी ने यह भी कहा कि इजरायल कथित कमी को दूर करने के लिए समाधान निकाल रहा है। हालांकि, ईरान हर दिन सिर्फ कुछ ही मिसाइलें दाग रहा है। ऐसे में भारी कमी का मतलब यह हो सकता है कि इजरायल के पास दस से भी कम इंटरसेप्टर बचे होंगे।

ईरान के क्लस्टर बम ने बढ़ाई इजरायल की चिंता?

रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि क्या अमेरिका अपने कुछ इंटरसेप्टर इजरायल को बेचने या साझा करने की कोशिश करेगा। लेकिन, मौजूदा समय में इजरायल किसी भी अमेरिकी हवाई रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। इसके अलावा, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान का क्लस्टर बम लॉन्च भंडार की कमी को और बढ़ा सकता है।

क्या है ईरान का क्लस्टर बम?

ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों में छोटे-छोटे क्लस्टर बम (सबुमिशन) लगा रहा है। हर बम सिर्फ 5 किलों के हैं, लेकिन ऊंचाई से छोड़े जाने पर तकरीबन 11 से 13 किमी तक फैलकर हमला करते हैं। ये छोटे बम घरों, दुकानों, सड़कों और पार्कों पर जाकर गिरते हैं, जिससे आम नागरिक में खौफ का माहौल हो जाता है। बताया जा रहा है कि ये बम ग्रेनेड जैसा छोटा विस्फोट करते हैं, मगर बड़े इलाके में फैलकर बहुत नुकसान करते हैं। 

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 15 March 2026 at 11:37 IST