ईरान में सत्ता संकट गहराया, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई बेहोश! शासन चलाने में असमर्थ
ईरान के सुप्रीम लीडर मोहताबा खामेनेई की हालत बहुत गंभीर बताई जा रही है। वे बेहोश हैं और कोई फैसला नहीं ले पा रहे। अमेरिकी-इजराइली खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वे देश नहीं चला पा रहे।
ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर बड़ा अपडेट आया है। ब्रिटिश समाचार आउटलेट द टाइम्स ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से जानकारी दी कि मोजतबा खामेनेई की हालत गंभीर है और वे ईरान का शासन चलाने में असमर्थ हैं।
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई बेहोश हैं और उनका इलाज किया जा रहा है, जिसके कारण वे देश पर शासन करने में असमर्थ हैं। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, वे देश के शासन में कोई फैसला लेने में सक्षम नहीं हैं।
अमेरिकी-इजरायली खुफिया जानकारी पर आधारित एक डिप्लोमेटिक मेमो के हवाले से ब्रिटिश अखबार 'द टाइम्स' ने यह जानकारी दी है। मेमो में कहा गया है कि मोजतबा की तबीयत बहुत खराब बताई जा रही है। खबरों के मुताबिक, कोम शहर में उनका इलाज चल रहा है। वे किसी भी फैसले में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, यानी देश चला पाने में असमर्थ हैं।
इजरायल हमले में हुए घायल
56 साल के मोहताबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर बने थे। फरवरी 28 को अमेरिका-इजरायल के हमलों में उनके पिता, मां, पत्नी और बेटे की मौत हो गई थी। उसी हमले में मोहताबा भी घायल हुए थे। तब से उनकी कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं की गई है।
अब अमेरिकी और इजराइली खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, वे कोम में गंभीर हालत में हैं। वे बेहोश हैं और कोई फैसला नहीं ले सकते।
कोम में चल रहा इलाज
खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि क़ोम में उनके पिता अली खामेनेई की कब्र बनाने की तैयारी चल रही है। वहां एक बड़ा मकबरा बनाया जा सकता है जिसमें एक से ज्यादा कब्रें हो सकती हैं। शायद परिवार के अन्य सदस्यों को भी वहीं दफनाया जाएगा। कोम शिया मुसलमानों के लिए पवित्र शहर है। ईरान सरकार ने इन रिपोर्टों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच, देश युद्ध की स्थिति में है और शासन की कमान कौन संभाल रहा है, इस पर सवाल उठ रहे हैं।
ईरान में क्या चल रहा है?
हमले के बाद मोहताबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। ईरान की सरकारी मीडिया कभी-कभी उनके नाम से बयान जारी करती है या पुरानी तस्वीरें और AI वाली वीडियो दिखाती है। अब सवाल उठ रहे हैं कि असल में ईरान को कौन चला रहा है? रिपोर्ट्स कहती हैं कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और कुछ धार्मिक नेता ज्यादा पावर संभाल रहे हैं।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 8 April 2026 at 10:16 IST