ईरान का बड़ा फैसला, Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर लगा सकता है शुल्क: रिपोर्ट
ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की योजना बनाई है। ईरानी संसद की समिति के चेयरमैन इब्राहिम अजीजी ने बताया कि सहयोगी देशों के वाणिज्यिक जहाजों को निर्देशित मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा और इसके बदले शुल्क लिया जाएगा। दुनिया के 20% तेल परिवहन वाले इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा व्यापार प्रभावित हो सकता है।
ईरान ने विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए एक नया सिस्टम तैयार किया है। इस व्यवस्था के तहत गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूला जाएगा। विदेशी मीडिया के अनुसार ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के चेयरमैन इब्राहिम अजीजी ने यह जानकारी दी है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने एक तंत्र तैयार किया है जिसमें जहाजों को स्ट्रेट के निर्धारित मार्ग से निर्देशित किया जाएगा। यह योजना जल्द ही औपचारिक रूप से घोषित की जा सकती है। अजीजी के अनुसार, इस योजना को औपचारिक रूप से आने वाले दिनों में शुरू होने की उम्मीद है।
केवल सहयोगी देशों को अनुमति
इस व्यवस्था के तहत केवल कमर्शियल जहाजों और उन देशों के पोतों को ही इस प्रबंधित मार्ग का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी, जो तेहरान के साथ सहयोग करते हैं। ईरान इस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत प्रदान की जाने वाली विशेष सेवाओं के बदले शुल्क वसूलेगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकीर्ण जलडमरूमध्य है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से लगभग 20 वैश्विक तेल की खपत गुजरती है। ईरान, सऊदी अरब, इराक और अन्य खाड़ी देशों के ऊर्जा निर्यात के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच फैसला
यह खबर क्षेत्रीय तनाव के बीच आई है। पहले भी ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि बाहरी खतरों या प्रतिबंधों के जवाब में वे इस जलडमरूमध्य तक पहुंच प्रतिबंधित कर सकते हैं। हालांकि, ऐसे कदम पूर्ण रूप से बहुत कम ही लागू किए गए हैं।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 16 May 2026 at 20:27 IST