दुनिया में पहली बार दुर्लभ जेनेटिक मिर्गी का इलाज हुआ संभव! इजरायली डॉक्टरों ने 8 महीने के बच्चे के दिमाग में दी जीन थेरेपी
इजरायली डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में इतिहास रच दिया है। दुनिया में पहली बार 8 महीने के बच्चे के दिमाग में WWOX जीन थेरेपी पहुंचाकर दुर्लभ जेनेटिक मिर्गी का सफल इलाज किया गया है। अब दुर्लभ जेनेटिक मिर्गी का इलाज संभव होगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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एक 8 महीने के छोटे बच्चे ने दुनिया का पहला ऐसा इलाज करवाया है, जिसमें उसके दिमाग में सीधे जीन डाला गया। यह इलाज इजरायल के श्नाइडर चिल्ड्रेंस मेडिकल सेंटर (Schneider Children’s Medical Center) में हुआ। यह चिकित्सा विज्ञान की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इजरायल के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में ये ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आठ महीने के एक बच्चे के दिमाग में सीधे जीन थेरेपी पहुंचाकर दुर्लभ और जानलेवा जेनेटिक मिर्गी का सफल इलाज कर दिखाया है। एक 8 महीने के बच्चे को दुनिया में पहली बार एक अनोखी जीन रिप्लेसमेंट थेरेपी दी गई है। यह जानकारी हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरुसलम ने दी है।
बच्चा जन्म के समय बिल्कुल स्वस्थ दिख रहा था। लेकिन 6 हफ्ते की उम्र में उसे बहुत तेज मिर्गी के दौरे पड़ने लगे। डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि बच्चे के शरीर में WWOX नाम का एक जरूरी जीन गायब या खराब है। इसकी वजह से WOREE सिंड्रोम नाम की बहुत दुर्लभ और खतरनाक बीमारी हो गई। इस बीमारी में बच्चे को लगातार मिर्गी आती है, दिमागी विकास रुक जाता है और कई बार जान भी जा सकती है।
कैसे हुआ इलाज?
इजरायल की हिब्रू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रामी अकीलान ने 10 साल से ज्यादा समय तक इस जीन पर रिसर्च किया। उन्होंने चूहों पर प्रयोग करके देखा कि यह जीन दिमाग के विकास के लिए कितना जरूरी है। अगर यह जीन न हो तो मिर्गी, दिमाग के विकास में कमी और जान का खतरा हो जाता है।
उन्होंने एक खास वायरस (AAV9 नाम का) बनाया, जिसमें स्वस्थ WWOX जीन डाला गया। यह वायरस सिर्फ दिमाग की कोशिकाओं तक जीन पहुंचाता है। डॉक्टरों ने इस जीन थेरेपी को बच्चे के दिमाग में सीधे इंजेक्ट किया।
इलाज के बाद क्या हुआ?
इलाज के एक महीने बाद बच्चा अस्पताल से छुट्टी लेकर घर चला गया। अब तक उसे वो तेज मिर्गी के दौरे नहीं आए हैं जो पहले उसकी जान ले सकते थे। बच्चा स्थिर है और डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। डॉक्टरों को लंबे समय तक देखना पड़ेगा कि इलाज कितना असरदार है, लेकिन शुरुआती नतीजे बहुत उम्मीद जगाते हैं।
इनका रहा योगदान
- प्रो. रामी अकीलान (हिब्रू यूनिवर्सिटी)
- डॉ. नाामा ओरेनस्टीन और डॉ. ड्रोर क्राउस (श्नाइडर अस्पताल)
- महजी थेरेप्यूटिक्स कंपनी (अमेरिका-इजराइल)
इस खास मौके पर प्रो. अकीलान ने कहा, “यह कई साल की मेहनत का नतीजा है। हमने पहले सिर्फ जीन की भूमिका समझी, फिर उसे दिमाग तक पहुंचाने का तरीका ढूंढा। आज यह बच्चे के लिए उम्मीद की किरण बन गया है।”
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
WWOX जीन की समस्या यमन के यहूदी समुदाय में ज्यादा देखी जाती है, लेकिन दुनिया भर में कई बच्चे इससे प्रभावित हैं। यह इलाज सिर्फ एक बच्चे के लिए नहीं, बल्कि ऐसे सभी दुर्लभ जेनेटिक मिर्गी वाले बच्चों के लिए नई राह खोल सकता है। अभी लंबा सफर बाकी है, लेकिन यह पहला कदम बहुत बड़ा है।
यह उपलब्धि जेनेटिक बीमारियों के इलाज में नई उम्मीद लेकर आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि WWOX जीन थेरेपी भविष्य में अन्य दुर्लभ आनुवंशिक विकारों के मरीजों के लिए भी नया रास्ता खोल सकती है। फिलहाल बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और डॉक्टर लंबे समय तक इसके परिणामों का अध्ययन करेंगे।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 8 June 2026 at 16:41 IST