अपडेटेड 17 March 2026 at 11:53 IST
युद्ध के बीच अमेरिका-ईरान में हुआ पहला सीधा संपर्क, ट्रंप के दूत और ईरानी विदेश मंत्री के बीच टेक्स्ट मैसेज में बातचीत, अमेरिकी मीडिया का दावा
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच टेक्स्ट मैसेज से सीधा संपर्क हुआ। ईरान ने युद्ध खत्म करने पर फोकस किया। ट्रंप ने कहा कि ईरान डील चाहता है, लेकिन अराघची ने इनकार किया और पुरानी बातचीत का हवाला दिया।
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार सीधा संपर्क हुआ है। यह संपर्क कुछ दिनों पहले टेक्स्ट मैसेज के जरिए हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) के बीच ये बातचीत हुई।
अमेरिकी न्यूज वेबसाइट Axios ने एक अमेरिकी अधिकारी और एक सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान के विदेश मंत्री ने युद्ध खत्म करने के बारे में मैसेज भेजे। यह युद्ध अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले करने के बाद शुरू हुआ था, जो 17 दिनों से चल रहा है। दोनों तरफ से ऐसा लगता है कि कोई भी इस जंग को बहुत लंबा खींचना नहीं चाहता। इसलिए ये मैसेज भेजना एक तरह से जांचना है कि बातचीत का रास्ता खुल सकता है या नहीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के लोग अमेरिकी अधिकारियों से बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "वे डील करना चाहते हैं। हमारे लोग उनसे बात कर रहे हैं... लेकिन हमें पता नहीं कि वे असली लोग हैं या नहीं।" ट्रंप ने यह भी कहा कि कभी-कभी बातचीत से अच्छी चीजें निकल आती हैं।
अब्बास अराघची ने किया इनकार
इस खबरों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर पोस्ट करके इन खबरों से इनकार किया। उन्होंने लिखा कि विटकॉफ से उनकी आखिरी बात युद्ध शुरू होने से पहले हुई थी। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें फैलाकर तेल व्यापारियों और लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
डिप्लोमेसी का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं
अभी तक यह साफ नहीं है कि ये मैसेज कितने गंभीर थे, कितने मैसेज आए-गए या इनमें क्या-क्या लिखा था। दोनों तरफ से अलग-अलग बयान आ रहे हैं। पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच ऐसे संकट में ओमान जैसे देशों के जरिए अप्रत्यक्ष बात होती रही है, लेकिन यह पहली बार है जब युद्ध के बाद सीधे मैसेज का दावा किया गया है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 17 March 2026 at 11:53 IST