Crude oil Price: ट्रंप ने ईरान के साथ डील का किया ऐलान तो कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, पेट्रोल-डीजल और LPG होंगे सस्ते?

ट्रंप के ईरान के साथ शांति समझौता और होर्मुज के तुरंत खोलने के ऐलान के साथ ही अंतराराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 4 प्रतिशत से गिरकर 83.48 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है।

ट्रंप ने ईरान के साथ डील का किया ऐलान तो कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट | Image: X/AP

जिस ऐतिहासिक शांति समझौते का इतंजार पूरी दुनिया कर रही थी, आखिरकार वो हो गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। ट्रंप के इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते की पुष्टि करते हुए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को तुरंत खोलने की भी घोषणा की है, जिसके बाद तेल कारोबारियों ने भारी बिकवाली की।

ट्रंप के ईरान के साथ शांति समझौता और होर्मुज के तुरंत खोलने के ऐलान के साथ ही अंतराराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 3.5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 83.48 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड करीब 5 प्रतिशत टूटकर 80.61 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

ट्रंप ने किया होर्मुज खोलने का ऐलान

ईरान के साथ शांति समझौते की जानकारी देते हुए ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई! मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं और साथ ही, अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं। दुनिया भर के जहाजों, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!”

June 14, 2026

कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट

बता दें कि फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के बाद बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जो एक समय 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया गया था। इस जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है।

अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की घोषणा से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला सामान्य होने की उम्मीद जगी है। एशियाई देशों को खाड़ी क्षेत्र से तेल आयात फिर से शुरू करने में आसानी होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, तेल की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह हॉर्मुज स्ट्रेट का खुलना ही है। इसके अलावा, इसी महीने ओपेक (OPEC) ने जुलाई से उत्पादन कोटा बढ़ाने की घोषणा भी की थी, जिससे बाजार में आपूर्ति बढ़ने का संकेत मिला है।

पेट्रोल-डीजल और LPG होंगे सस्ते?

लंबे समय तक कच्चे तेल की कीमतें 100-115 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, जिसके कारण दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी समेत अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। बीते कुछ दिनों से ही कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई थीं, लेकिन शांति समझौते और जलडमरूमध्य खुलने की खबर ने गिरावट को तेज कर दिया है। अब भारत के लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में गिरावट आएगी।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 15 June 2026 at 08:17 IST