अपडेटेड 13 February 2026 at 20:32 IST

Bangladesh Election: बांग्लादेश में BJP ने खोला खाता, BNP गठबंधन को पूर्ण बहुमत... 'साइकिल' और 'हाथी' चारो खाने चित

Bangladesh election : बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में BNP ने भारी जीत दर्ज की। 299 सीटों पर हुए मतदान में BNP को 209 सीटें मिलीं। इस चुनाव की खास बात ये है कि BJP को एक सीट पर जीत मिली है।

बांग्लादेश में BJP को मिली एक सीट | Image: AP

बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के नतीजे आ गए हैं, जिनमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारी बहुमत हासिल कर लिया है। यह चुनाव 12 फरवरी 2026 को हुआ था और परिणाम 13 फरवरी को घोषित हुए। बांग्लादेश में 2024 छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की अवामी लीग सरकार गिरने के करीब डेढ़ साल बाद पहला आम चुनाव हुआ है।

299 सीटों पर हुए चुनाव में BNP ने अकेले 209 सीटें जीतीं, जबकि गठबंधन सहयोगियों के साथ कुल 212 सीटें हासिल हुईं। आम चुनाव में जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को 77 सीटें मिलीं, जिसमें जमात-ए-इस्लामी को 68, NCP (नेशनल सिटिजन पार्टी) को 6, बांग्लादेश खेलाफत मजलिस को 2 और अन्य छोटे दलों को 1-1 सीटें मिलीं।

BJP को मिली एक सीट

इस चुनाव की खास बात ये है कि कुछ पार्टियों के चुनाव चिन्ह और नाम भारत की राजनीति से मिलते-जुलते थे। बांग्लादेश जातीय पार्टी (BJP) भी चुनाव लड़ रही थी। BJP को एक सीट पर जीत मिली है। बांग्लादेश की BJP का चुनाव चिन्ह बैलगाड़ी है। जबकि भारत से मिलते-जुलते कई चुनाव चिन्हों वाली पार्टियां जैसे हाथ, हाथी, साइकिल और लालटेन पूरी तरह खाली हाथ रहीं।

करीब 20 साल बाद सत्ता में आएगी BNP

यह चुनाव अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद हुआ है, जिसमें शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा और मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी। BNP के चेयरमैन तारिक रहमान ने 17 साल बाद वापसी कर ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों सीटों से जीत हासिल की। उनकी अगुवाई में BNP 20 साल बाद सत्ता में लौटी है। तारिक रहमान को अगला प्रधानमंत्री माना जा रहा है।

चुनाव में क्या खास था?

इस बार मतदान प्रतिशत लगभग 60% रहा। चुनाव को कई सालों में सबसे शांतिपूर्ण और विश्वसनीय बताया जा रहा है, लेकिन कुछ पार्टियों नतीजों में गड़बड़ी और इंजीनियरिंग के आरोप लगाए। साथ ही एक रेफरेंडम भी हुआ, जिसमें जुलाई चार्टर (संविधान में सुधार) को 60% से ज्यादा लोगों ने मंजूरी दी। इसमें महिलाओं की ज्यादा भागीदारी, कार्यकाल सीमा और अधिकारों के विस्तार जैसे बदलाव हैं।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 13 February 2026 at 20:32 IST