अपडेटेड 24 March 2026 at 08:18 IST
US-Israel-Iran War: ट्रंप ने दबाया पॉज बटन, लेकिन नहीं मान रहे नेतन्याहू, बोले- ईरान और लेबनान पर हमारे हमले नहीं रुकेंगे...
US-Israel-Iran War: एक ट्रंप ने ईरान पर हमले 5 दिन के लिए रोकने का फैसला किया है। वहीं, इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान और लेबनान पर हमले अब भी जारी रखने की बात की।
US-Israel-Iran War news: अमेरिका ने ईरान के साथ बातचीत जारी होने का दावा करते हुए 5 दिन के लिए हमले टाल दिए हैं, लेकिन इजरायल रुकने वाला नहीं है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि उनके ईरान और लेबनान पर हमले जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम किसी भी परिस्थिति में अपने हितों की रक्षा करेंगे। नेतन्याहू ने ये बातें ट्रंप से फोन पर बातचीत के बाद कही।
नेतन्याहू की ट्रंप से हुई बात
इजरायली प्रधानमंत्री ने X पर एक पोस्ट किया। उन्होंने बताया, "मैंने हमारे दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप से बात की। राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि U.S. मिलिट्री के साथ हमने जो जबरदस्त कामयाबी हासिल की है, उसका फायदा उठाकर समझौते में युद्ध के उद्देश्यों को पूरा करने का मौका है। एक ऐसा समझौता जो हमारे जरूरी हितों की रक्षा करेगा।"
किसी भी हाल में अपने हितों की रक्षा करेंगे- नेतन्याहू
नेतन्याहू ने आगे कहा कि हम ईरान और लेबनान दोनों जगह हमला करना जारी रखे हुए हैं। हम मिसाइल प्रोग्राम और परमाणु प्रोग्राम को खत्म कर रहे हैं, और हिज्बुल्लाह पर लगातार गंभीर हमले कर रहे हैं। कुछ ही दिन पहले हमने दो और न्यूक्लियर साइंटिस्ट को मार गिराया। हम और आगे बढ़ रहे हैं। हम किसी भी हालत में अपने जरूरी हितों की रक्षा करेंगे।
ट्रंप ने 5 दिन के लिए रोके ईरान पर हमले
ट्रंप ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए ईरान को 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया था। इस बीच एक दिन पहले उन्होंने ईरान पर अपने सैन्य हमलों को 5 दिनों के लिए टालने का ऐलान कर दिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को पूरी तरह खत्म करने को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है।
ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार
हालांकि ट्रंप के इन दावों को ईरान की ओर से सिरे से खारिज कर दिया गया है। ईरानी संसद के स्पीकर अमेरिका के साथ वार्ता होने से साफ इनकार कर चुके हैं। उन्होंने ट्रंप के नकार दिया और कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। फेक न्यूज का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने और उस दलदल से निकलने के लिए किया जा रहा है जिसमें अमेरिका और इजरायल फंसे हुए हैं।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 24 March 2026 at 08:18 IST