अपडेटेड 11 February 2026 at 22:24 IST
Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश की अग्निपरीक्षा... तख्तापलट और भीषण हिंसा के बाद मतदान, जनता किसे सौंपगी सत्ता की चाबी?
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होंगे। 2024 की छात्र क्रांति के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है। करीब 12.7 करोड़ मतदाता दो बैलट से वोट देंगे। मुख्य मुकाबला BNP और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के बीच है।
Bangladesh Election 2026 : बांग्लादेश में लंबे समय बाद एक बड़ा राजनीतिक बदलाव आया है। 2024 में छात्रों के बड़े आंदोलन ने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को गिरा दिया था। उस आंदोलन में हिंसा हुई, जिसमें करीब 1,400 लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। अब बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को बहुत महत्वपूर्ण आम चुनाव होने जा रहे हैं।
हिंसा के बाद शेख हसीना भारत भाग आई और वहां निर्वासित हैं। उनकी पार्टी अवामी लीग पर राजनीति करने पर रोक लगा दी गई है। 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव के लिए होने वाला मतदान देश के लिए एक ऐतिहासिक मौका है, क्योंकि 2024 में छात्रों की बड़ी क्रांति के बाद पहली बार चुनाव हो रहे हैं।
क्या हुआ था 2024 में?
जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों ने नौकरी के कोटे सिस्टम के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया। सरकार ने इसे दबाने के लिए बहुत कोशिश की, इस दौरान हुई हिंसा में 1400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस क्रांति के कारण लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा। उनकी पार्टी आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी, जो अब तक देश चला रही है।
300 सीटों के लिए चुनाव
12 फरवरी को बांग्लादेश में संसद के लिए होने वाला चुनाव 13वां आम चुनाव है। चुनाव प्रचार 10 फरवरी को ही खत्म हो चुका है। करीब 12.7 करोड़ सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक अपने मतदान का प्रयोग करेंगे। जिसमें पहली बार युवा वोटर ज्यादा हैं। विदेश में रहने वाले 1.5 करोड़ लोग भी पोस्टल बैलट से वोट कर सकते हैं। बांग्लादेश संसद में 350 सीटें हैं। यह चुनाव कुल 300 सीटों के लिए हो रहा है। 50 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जो बाद में तय होती हैं।
सुरक्षा के लिए रिकॉर्ड 9 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन, बॉडी कैमरा, CCTV और लाइव फीड का इस्तेमाल हो रहा है। 500 विदेशी पर्यवेक्षक भी नजर रख रहे हैं।
मुख्य पार्टियां और गठबंधन
इस बार अवामी लीग चुनाव नहीं लड़ रही, इसलिए पुरानी दो बड़ी पार्टियों वाली लड़ाई खत्म हो गई है। अब मुख्य मुकाबला दो गठबंधनों के बीच है।
- बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP): यह दक्षिणपंथी पार्टी है। इसका नेतृत्व खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान कर रहे हैं। उन्होंने 17 साल बाद दिसंबर 2025 में वापसी की। BNP ने 10 पार्टियों का गठबंधन बनाया है।
- जमात-ए-इस्लामी (JIB): यह इस्लामी पार्टी है। इसका नेतृत्व शफीकुर रहमान कर रहे हैं। उन्होंने 11 पार्टियों का गठबंधन बनाया है, जिसमें नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) भी शामिल है। NCP को 2024 के छात्र आंदोलन के युवाओं ने बनाया है।
ये दोनों गठबंधन पहले हसीना के खिलाफ साथ थे, लेकिन अब अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं।
डालने होंगे 2 वोट
बांग्लादेश में इस बार हर वोटर को 2 वोट डालने होंगे है। पहला वोट चुनाव के लिए और दूसरा वोट संवैधानिक रेफरेंडम के लिए होगा। चुनाव के साथ एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह (रेफरेंडम) भी होगा। यह जुलाई नेशनल चार्टर 2025 पर है। इसमें संविधान में बदलाव, कानून सुधार, प्रधानमंत्री का कार्यकाल सीमित करना, सत्ता पर नियंत्रण बढ़ाना जैसे सुधार शामिल हैं। ये सुधार 2024 के आंदोलन के बाद तय किए गए थे। रेफरेंडम का नतीजा बताएगा कि लोग इन बदलावों को कितना समर्थन देते हैं।
क्या दांव पर लगा है?
यह चुनाव बांग्लादेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। युवा पहली बार इतनी बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं, उन्होंने ही हसीना को हटाया था। अगर BNP जीती तो भारत के साथ संबंध सुधर सकते हैं और विदेश नीति संतुलित रह सकती है। अगर जमात-ए-इस्लामी वाला गठबंधन जीता तो पाकिस्तान, तुर्किए या चीन-अमेरिका के साथ ज्यादा नजदीकी हो सकती है।
अवामी लीग के समर्थकों को बाहर रखने से बड़ा वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। देश में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं के अधिकार और आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दे बड़े हैं। चुनाव के नतीजे देश की राजनीति, संविधान और विदेश संबंधों को लंबे समय तक प्रभावित करेंगे। यह चुनाव बांग्लादेश के लोकतंत्र की नई शुरुआत जैसा है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इससे देश में स्थिरता और सुधार आएंगे।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 11 February 2026 at 22:24 IST