अफगानिस्तान: बल्ख के उत्तरी प्रांत में अफगान सेना ने तालिबान को चटाई धूल, 'सबसे महत्वपूर्ण' कलदार जिले पर लिया नियंत्रण
अफगान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा बल (ANDSF) के प्रवक्ता के मुताबिक अफगानिस्तान में बीते 24 घंटे में देश के 25 प्रांतों में झड़पें हुई है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 2 min read
अफगान बलों ने बल्ख के उत्तरी प्रांत में कलदार जिले पर नियंत्रण वापस ले लिया है। सेना के मुताबिक गजनी, फरयाब और तखर प्रांतों में जिला मुख्यालय के पास अभी भी संघर्ष जारी है।
कलदार जिले में हेराटन सीमावर्ती शहर के इलाकों में जाने के लिए एक प्रमुख व्यापार प्रवेश द्वार है। यहां अफगानिस्तान और उजबेकिस्तान के बीच एक बंदरगाह भी है। इसी जिले में अमू नदी के किनारे उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान की सीमा मिलती है। इस लिहाज से अफगान सेना के लिए इसे एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
इसे भी पढ़ें : Pakistan Taliban News: अफगानिस्तानी सीमा के अंदर दाखिल हुई पाक सेना? तालिबानी आतंकी के साथ का वीडियो वायरल
कलदार जिला एक महीने पहले ही तालिबान के कब्जे में आ गया था। इसे सुरक्षा बलों और जन-विद्रोह बल के सदस्यों ने सोमवार को फिर से वापस ले लिया है।
अफगानिस्तान के टोलो न्यूज के मुताबिक बल्ख गवर्नर के प्रवक्ता आदिल शाह आदिल ने कहा,"हमारी सेना ने अच्छी प्रगति की है। हम नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रयास करेंगे"
इसे भी पढ़ें : तालिबान का अफगानिस्तान के 85% क्षेत्र पर नियंत्रण का दावा, कहा- 'अमेरिका हुआ छोड़ने पर मजबूर'
Afghan National Defense and Security Forces (ANDSF) के प्रवक्ता जनरल अजमल उमर शिनवारी ने कहा, "25 प्रांतों में हमारी झड़पें हुईं, जिनमें अफगान बलों ने प्रगति की है।"
स्थानीय मीडिया के मुताबिक शिनवारी ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में अफगान बलों के अभियानों में 1,500 तालिबान लड़ाके मारे गए और 800 अन्य घायल हुए हैं। हालांकि तालिबान ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
इधर, स्थानीय मीडिया के सूत्रों का कहना है कि फरयाब के मैमाना शहर के कुछ हिस्सों में तालिबान ने मोर्टार और रॉकेट से हमले किए हैं। जिसमें तीन आम नागरिकों के साथ 16 लोग मारे गए हैं।
इसे भी पढ़ें : अफगानिस्तान में युद्ध जारी रखने के लिए पाक सेना और ISI कर रहा तालिबान की मदद: उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह
टोलो न्यूज के मुताबिक मैमाना के रहने वाले अहमद जमशेद ने कहा, "स्थिति कठिन है। हम अक्सर मोर्टार और रॉकेट सहित फायरिंग की आवाज सुनते हैं"।
वहीं, तखर के कुछ निवासियों ने कहा कि प्रांत में स्थिति चिंताजनक है। प्रांत के कुछ विस्थापित परिवारों ने बहुत ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बारे में बता रहे हैं। लोगों का कहना है, 'एक महीने से अधिक समय हो गया है कि यहां स्थिति और खराब हो गई है। हमने अपने घरों को छोड़ दिया है'।
टोलो न्यूज के मुताबिक तखर के ही एक विस्थापित शख्स सैफुल्ला ने कहा, "लोगों ने अपने घरों और संपत्ति को छोड़ दिया है।"
इसे भी पढ़ें : अमेरिका समेत कई देशों ने ताकत के बल पर कब्जे की कोशिश में जुटे तालिबान को रोकने का ऐलान
इधर, अफगानिस्तान के गजनी के रहने वालों का कहना है, 'गजनी शहर के बाहरी इलाके में झड़पों ने उनके दैनिक जीवन को प्रभावित किया है'। लोग सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं। वे दिन रात चल रही गोलियों से डर रहे हैं।
गजनी के ही रहने वाले रेजा हुसैन बताते हैं, "जब वे यात्रा कर रहे होते हैं तो लोगों में डर होता है क्योंकि तालिबान एक तरफ है और सरकार दूसरी तरफ है।"
Published By : Munna Kumar
पब्लिश्ड 27 July 2021 at 16:44 IST