अपडेटेड 10 January 2026 at 23:39 IST

डोनाल्‍ड ट्रंप का 'खौफ' या महायुद्ध की आशंका? ईरान में खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन की गूंज गल्फ देशों तक पहुंची, GCC में बढ़ी हलचल

ईरान में इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है ।

डोनाल्‍ड ट्रंप का 'खौफ' या महायुद्ध की आशंका? ईरान में खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन की गूंज गल्फ देशों तक पहुंची, GCC में बढ़ी हलचल | Image: X

ईरान में इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है । महंगाई और बेरोजगारी से आक्रोशित लोगों ने सड़कों पर खामेनेई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं, दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरानी सरकार को एक्शन की धमकी दे रहे हैं।

ट्रंप ने खामेनेई को सीधी चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक रुख अपनाया तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। वहीं ट्रंप की इन धमकियों का शोर गल्फ देशों में भी सुनाई दे रहा है। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है। वेनेजुएला में अमेरिका ने जिस तरह की कार्रवाई की है, उसके बाद कयास ये लगाए जा रहे हैं कि ईरान में अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर हमले कर सकता है। वहीं ट्रंप की धमकियों ने इन अटकलों को और हवा दे दी। आपको बता दें कि गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) जिसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान शामिल हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा
 
सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में ईरान में बढ़ते तनाव, संभावित अमेरिकी कार्रवाई और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही जीसीसी देशों ने संयुक्त बयान जारी कर संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया। गल्फ देशों का स्पष्ट मानना है कि किसी भी तरह का सैन्य टकराव पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है।

ईरान में जिस तरह के हालात बने हुए हैं, उसके बाद गल्फ देशों ने मंत्री स्तरीय बैठक बुलाकर हालात पर चिंता जाहिर की है, लेकिन यह बैठक सार्वजनिक तौर पर नहीं हुई। हालांकि, संयुक्त बयान भी जारी किए गए। गल्फ देशों ने कूटनीति के जरिए हालात पर नियंत्रण करने की अपील की। सऊदी अरब, कुवैत, ओमान, कतर, यूएई, और बहरीन ने ईरान की स्थिति और तनाव पर विचार करने के लिए मंत्रीस्तरीय बैठकें और सामूहिक बयान जारी किए हैं।

यूएई, सऊदी अरब जैसे देशों के विदेश मंत्री या उच्च अधिकारी लगातार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ फोन पर बातचीत कर रहे हैं ताकि वे ईरान में तनाव बढ़ने के जोखिम को कम कर सकें। गल्फ देशों ने सीधे युद्ध की बात तो नहीं कही, लेकिन आम तौर पर संयम और कूटनीतिक समाधान की अपील की है। पहले भी गल्फ देशों ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ने पर बातचीत, बातचीत के आह्वान और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता बताया है। ओमान संयुक्त बयान और बातचीत की कोशिशों का समर्थन करता है।

ट्रंप की धमकी के बाद GCC का कोई देश नहीं आया सामने

गल्फ देशों ने सीधे युद्ध की बात तो नहीं कही, लेकिन आम तौर पर संयम और कूटनीतिक समाधान की अपील की है। पहले भी गल्फ देशों ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ने पर बातचीत, बातचीत के आह्वान और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता बताया है। ओमान संयुक्त बयान और बातचीत की कोशिशों का समर्थन करता है। ट्रंप की धमकियों के बाद किसी भी गल्फ देश ने सामने से आकर कोई समर्थन या चुनौती नहीं दी है, लेकिन हलचल देखी जा रही है। सभी गल्फ देशों का ध्यान ट्रंप के अगले कदम पर है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 10 January 2026 at 23:39 IST