अमेरिका-ईरान शांति समझौता 24 घंटे में होगा फाइनल! पाकिस्तान तैयार कर रहा इलेक्ट्रॉनिक साइनिंग, शहबाज शरीफ ने किया दावा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है। अगले 24 घंटे में पीस डील फाइनल होने की उम्मीद है। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक साइनिंग की तैयारी कर रहा है, जबकि अगले हफ्ते तकनीकी बातचीत शुरू होगी।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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US-Iran Peace Deal: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका-ईरान में शांति समझौते पर बात बन गई है। उन्होंने दावा किया कि समझौते का अंतिम रूप अगले 24 घंटों के अंदर तैयार होने की संभावना है। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक साइनिंग की तैयारी कर रहा है, जबकि अगले हफ्ते तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होने की उम्मीद है।
शहबाज शरीफ ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर यह बयान जारी किया है। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामी गणराज्य ईरान दोनों देशों के बीच लगातार हो रही बातचीत की सराहना की। साथ ही क्षेत्र के भाईचारे वाले देशों के समर्थन के लिए भी उन्होंने हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक शांति समझौता क्षेत्र में स्थायी शांति की मजबूत और विश्वसनीय नींव साबित होगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति स्थापित करने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं। पाकिस्तान की ओर से इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का दावा किया जा रहा है।
विवाद क्या है?
अमेरिका और ईरान के बीच यह विवाद दशकों पुराने तनाव का नतीजा है। इसके पीछे का प्रमुख कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। अमेरिका और उसके सहयोगी लंबे समय से ईरान पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह परमाणु हथियार विकसित कर रहा है। 2015 का JCPOA (Joint Comprehensive Plan of Action) समझौता टूटने के बाद तनाव बढ़ा।
ईरान की मिसाइल क्षमता और लेबनान, यमन, इराक में समर्थित समूहों (प्रॉक्सी) के जरिए क्षेत्रीय प्रभाव को अमेरिका और इजराइल खतरे के रूप में देखते हैं। ईरान पर लगे कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण आर्थिक संकट और 2025-26 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।
फरवरी में शुरू हुआ युद्ध
फरवरी के आखिर स्थिति उस वक्त विस्फोटक हो गई, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए। इन हमलों में ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या के आरोप लगे। ईरान ने जवाबी हमले किए, जिससे Strait of Hormuz जैसा महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ और पूरे मध्य पूर्व में तनाव फैल गया।
पाकिस्तान ने शुरू से ही मध्यस्थता की कोशिश की। अप्रैल 2026 में पाकिस्तान की मध्यस्थता से अस्थायी युद्धविराम हुआ था। अब जून 2026 में दावा किया जा रहा है कि दोनों पक्षों ने शांति समझौते का अंतिम पाठ स्वीकार कर लिया है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 13 June 2026 at 18:12 IST