अपडेटेड 3 March 2026 at 09:32 IST
भारत कर रहा एक और जंग की तैयारी...Operation Sindoor 2.O से पहले ही थर्र-थर्र कांपने लगा पाकिस्तान, भरी संसद में जरदारी ने जताया डर
पाकिस्तान का दावा है कि भारत एक और युद्ध की तैयारी कर रहा है। खबर है कि पड़ोसी मुल्क के राष्ट्रपति ने संसद में ऐसे संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्होंने शांति बनाए रखने और बातचीत की अपील भी की है।
पाकिस्तान का दावा है कि भारत एक और युद्ध की तैयारी कर रहा है। खबर है कि पड़ोसी मुल्क के राष्ट्रपति ने संसद में ऐसे संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्होंने शांति बनाए रखने और बातचीत की अपील भी की है। फिलहाल, इसे लेकर भारत की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। खास बात है कि यह बयान ऐसे समय पर आया, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव जारी है। दोनों ही मुल्क एक-दूसरे पर कई हमले कर चुके हैं।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा, ‘भारत के नेता कहते हैं कि वे एक और युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। एक आजीवन क्षेत्रीय शांति समर्थक के रूप में मैं इसकी सिफारिश नहीं करूंगा।’ हालांकि, इसके तुरंत बाद उनका लहजा सख्त हो गया। उन्होंने जोड़ा कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और अपनी जिम्मेदारियों को समझता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अपनी रक्षा करना भी जानता है।
परमाणु ताकत होने की दिखाई हेकड़ी
जरदारी ने अपने भाषण में पाकिस्तान को एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र के रूप में पेश करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस तरह की शक्ति के साथ बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है। लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अगर हालात बने, तो पाकिस्तान किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। भारतीय खुफिया सूत्रों ने इन बयानों को ‘राजनीतिक संकेत’ और ‘रक्षात्मक मुद्रा’ करार दिया। सूत्रों के अनुसार, यह बयान पाकिस्तान के भीतर चल रहे कई घरेलू और क्षेत्रीय संकटों से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर का भी अलापा राग
खबर है कि जरदारी ने जम्मू और कश्मीर का भी जिक्र किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपना राजनीतिक और नैतिक समर्थन देना जारी रखेगा। उनके अनुसार, जब तक कश्मीरियों को आजादी नहीं मिल जाती, तब तक दक्षिण एशिया में कोई भी आजाद और सुरक्षित नहीं होगा। भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित करने के फैसले पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह सीधे तौर पर 'जल-आतंकवाद' (Hydro terrorism) है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत राजनीतिक दबाव बनाने के लिए पानी के बहाव को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।
अफगानिस्तान से जंग का रोना रोया
अपने भाषण में जरदारी ने अफगानिस्तान की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने एक संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों की मौजूदगी क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो देश अपनी सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाएगा।
जरदारी ने काबुल में सत्ता पर काबिज तालिबान प्रशासन पर दोहा समझौते के तहत किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया और कहा कि अफगान भूमि का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश को अस्थिर करने के लिए नहीं होना चाहिए।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 3 March 2026 at 09:32 IST