PoK में कत्लेआम मचाने के बाद पाकिस्तान हुआ बेनकाब, विदेशी मीडिया पर लगाया बैन, दमन को छुपाने की साजिश या फिर...

PoK में विरोध प्रदर्शन के दौरान जबरदस्त दमन पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बाद पाकिस्तान सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए नई गाइडलाइन्स जारी की है। इसके मुताबिक अब विदेशी पत्रकारों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।

पाकिस्तान ने विदेशी मीडिया को किया बैन | Image: पाकिस्तान ने विदेशी मीडिया को किया बैन

PoK (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में पाकिस्तानी सेना का दमन जारी है। JAAC (ज्वाइंट आवामी एक्शन कमिटी) के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जमकर अत्याचार किया। हालात तब ज्यादा बिगड़ गए जब 27-28 जुलाई के आसपास चुनाव बहिष्कार और लॉन्ग मार्च के दौरान जमकर हिंसा हुई। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जमकर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाइव फायरिंग की।

PoK में हिंसा के दौरान कितने लोगों की मौत?

PoK में प्रदर्शन और हिंसा के दौरान उस्मान नजीर की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा के दौरान करीब 30-50 लोगों की मौत हुई है। हालांकि पाकिस्तान सरकार लगातार मौत की खबर को नकारती रही। मौत के आंकड़ों को लेकर दुनिया भर में भ्रम के बीच चर्चा होती रही।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात बिगड़ने के बाद पाकिस्तान के शहबाज शरीफ सरकार की दुनिया भर में किरकिरी हो रही है। सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ ब्रिटेन की संसद तक में आवाज उठी। पाकिस्तान की इकोनॉमी और आर्थिक हालात पहले से ही खराब हैं। ऊपर से दुनियाभर में इस घटना के बाद उसकी नीतियों की आलोचना होने लगी। अपनी साख गिरते देख पाकिस्तान सरकार ने दमन तो नहीं छोड़ा लेकिन दुनिया की नजरों से इसे बचाने के लिए अलग प्लान बना लिया।

विदेशी मीडिया पर लगाय बैन,  NOC जरूरी

PoK में विरोध प्रदर्शन के दौरान जबरदस्त दमन पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बाद पाकिस्तान सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए नई गाइडलाइन्स जारी की है। इसके मुताबिक अब विदेशी पत्रकारों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MOIB) द्वारा जारी फॉरेन मीडिया फैसिलिटेशन गाइडलाइन्स 2026 के तहत अब मान्यता प्राप्त विदेशी पत्रकारों को लाहौर, कराची और इस्लामाबाद के बाहर जाने के बाहर आधिकारिक रिपोर्टिंग के लिए NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना पड़ेगा। EP (एक्सटर्नल पब्लिसिटी) विंग के माध्यम से रजिस्ट्रेशन और प्रेस कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके बाद ही वो सरकारी कार्यक्रमों में पहुंच पाएंगे।

इतना ही नहीं यह नियम विदेशी मीडिया को सेवाएं प्रदान करने वाले घरेलू मीडिया ग्रुप, कंपनियों, फ्रीलांसरों पर भी लागू होगा। पाकिस्तान सरकार का नया नियम वेब आधारित प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया आउटलेट्स सहित अंतरराष्ट्रीय प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया संगठनों पर भी लागू होगा।

पाकिस्तान के नए नियम की दुनिया भर में आलोचना

नए नियम लागू करने के बाद एमनेस्टी इंटरनेशनल और कमिटी टू प्रोटेक्स सहित कई मानवाधिकार और प्रेस स्वतंत्रता संगठन ने पत्रकारों पर कथित प्रतिबंधों की आलोचना की है और इस पर गहरी चिंता जताई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल की रिपोर्टों की स्वतंत्र जांच की मांग की है

पाकिस्तान की शहबाज शरीफ ने विदेशी पत्रकारों पर जो प्रतिबंध लगाया है, इससे साफ होता है कि उसकी मंशा PoK में दमन जारी रख इसे दुनिया से छुपाना है। हालांकि इस प्रतिबंध को लेकर ये भी आशंका जताई जा रही है कि वहां सरकार कुछ बड़ा कर सकती है। पूरी दुनिया की नजर अब पाकिस्तान के अगले कदम पर है।

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 5 August 2026 at 18:49 IST