अपडेटेड 18 March 2026 at 09:07 IST
तेल महंगा, शान सस्ती! शहबाज शरीफ सरकार ने रद्द की Pakistan Day Parade, तेल के दाम ने किया 'आउट ऑफ बजट'
कंगाल पाकिस्तान के पास अब इतना भी पेट्रोल-डीजल नहीं बचा कि Pakistan Day Parade भी मना सके। शहबाज शरीफ सरकार ने खर्च कम करने के नाम पर पाकिस्तान डे पर होने वाली परेड और सभी भव्य आयोजन रद्द कर दिए हैं। अब सिर्फ सादा झंडा फहराया जाएगा।
Pakistan Day Parade Cancelled: पाकिस्तान में इस बार 'पाकिस्तान डे परेड़' नहीं मनाई जाएगी। इस बार 23 मार्च का पाकिस्तान डे कुछ ऐसा होने वाला है, जैसे शादी में बजट कम पड़ जाए और बारात को कह दिया जाए, "भाई, खाना-पीना छोड़ो, बस केक काट लो और घर चले जाओ!"
ईरान से अमेरिका-इजरायल की जारी जंग से पाकिस्तान की हालत इतनी पतली हो गई कि Pakistan Day परेड़ को मजबूरी में कैंसिल करना पड़ा। सरकार ने बड़ा ऐलान कर दिया है कि इस साल कोई मिलिट्री परेड नहीं, कोई फैंसी सेरेमनी नहीं, कोई टैंक-मिसाइल दिखावा नहीं। वजह? गल्फ ऑयल क्राइसिस से पाकिस्तान की दिवालिया स्थिति।
अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर जो वॉर मोड ऑन किया, उससे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। पाकिस्तान तो पहले से ही IMF से लिए कर्ज के सहारे सांस ले रहा है, ऊपर से तेल का संकट। अब परेड में जेट विमान उड़ाने के पैसे कहां से लाएं? इस लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के ऑफिस की तरफ से सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म X ऐलान कर दिया है कि पाकिस्तान डे पर कोई परेड नहीं होगी।
तो क्या होगा 23 मार्च को?
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी प्रधानमंत्री की सलाह पर मंजूरी दी। इस दिन को गरिमा को देखते हुए प्रधानमंत्री ने एक साधारण ध्वजारोहण समारोह रखने का ऐलान किया है। मंत्रालयों और विभागों को सलाह दी गई है कि बस एक साधारण सा झंडा फहराना है। मतलब, प्रधानमंत्री ऑफिस में झंडा लहरा दिया जाएगा, राष्ट्रपति ट्वीट कर देंगे और बाकी सब घर बैठकर टीवी पर पुरानी परेड के क्लिप्स देखकर खुश हो जाएंगे।
और मजेदार बात ये है कि सरकार ने ऑस्टरिटी के नाम पर पहले ही फैसले ले रखे हैं कि सरकारी गाड़ियों का फ्यूल 50% कम, हफ्ते में 4 दिन ऑफिस, आधे स्टाफ को घर से काम, SOE वाले कर्मचारियों की सैलरी में 5 से 30% कटौती। अब परेड कैंसल करके पाकिस्तान चंद करोड़ रुपये और बचा लेगा।
क्या है पाकिस्तान डे?
23 मार्च को पाकिस्तान डे लाहौर रेजोल्यूशन की याद में मनाया जाता है। जब मुस्लिम लीग ने ब्रिटिश भारत में मुसलमानों के लिए अलग देश की मांग की थी। इस दिन मुस्लिम लीग ने लाहौर रेजोल्यूशन पास कर आजादी की मांग की थी। इस दिन पारंपरिक मिलिट्री परेड और अन्य सभी औपचारिक समारोहों होते थे। वो दिन अब "सादगी और गरिमा" के नाम पर मनाया जाएगा।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 18 March 2026 at 09:07 IST