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सीजफायर पर घोर कन्फ्यूजन... पाकिस्तान में मंच तैयार और अगवानी के लिए 'फूफा', लेकिन बारात आएगी या नहीं? ईरान के इस हिंट से शहबाज की उड़ेगी नींद

ईरान और अमेरिका में बुधवार को युद्धविराम का ऐलान किया गया। इसके तहत दो हफ्तों तक लड़ाई रोककर समझौते के लिए इस्लामाबाद में बातचीत होनी है। लेकिन इस सीजफायर को लेकर अभी भी कन्‍फ्यूजन बरकरार है।

सीजफायर पर घोर कन्फ्यूजन... पाकिस्तान में मंच तैयार और अगवानी के लिए 'फूफा', लेकिन बारात आएगी या नहीं? ईरान के इस हिंट से शहबाज की उड़ेगी नींद | Image: X

ईरान और अमेरिका में बुधवार को युद्धविराम का ऐलान किया गया। इसके तहत दो हफ्तों तक लड़ाई रोककर समझौते के लिए इस्लामाबाद में बातचीत होनी है। लेकिन इस सीजफायर को लेकर अभी भी कन्‍फ्यूजन बरकरार है। एक तरफ इजराइल हमला कर सीजफायर की धज्जियां उड़ा रहा है तो दूसरी तरफ इस्लामाबाद में ईरानी दूत के एक पोस्ट डिलीट करने से ऐसी अटकलें तेज हो गई है कि ईरान वार्ता के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्‍तान भेजने के फैसला को वापस ले सकता है। आसान भाषा में कहें तो पाकिस्‍तान में मंच तैयार है। स्‍वागत के लिए 'फूफा' (शहबाज शरीफ) भी तैयार हैं। लेकिन बारात आएगी या नहीं इसे लेकर कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन है।

आपको बता दें कि ईरान की ओर से लेबनान में भी हमले रोकने पर जोर दिया जा रह है। दूसरी ओर अमरिका का कहना है कि लेबनान सीजफायर में शामिल नहीं है। इसके बाद ईरान ने साफ चेतावनी दी कि अगर लेबनान पर इजराइल के हमले नहीं रुके तो वह अमेरिका के साथ हुए सीजफायर से बाहर निकल सकता है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।

ईरानी राजदूत ने हटाया पोस्ट, पाकिस्तान आने पर बना सस्पेंस

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगदम को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है, जहां उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट को हटा दिया है। इस पोस्ट में उन्होंने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान दौरे और अमेरिका के साथ सीजफायर बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचने की जानकारी दी थी। हालांकि अब यह पोस्ट प्लेटफॉर्म पर नजर नहीं आ रहा है और इसे हटाने की वजह भी साफ नहीं की गई है।

इससे इस संभावित बैठक को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। अगर ईरान का डेलीगेशन इस्लामाबाद नहीं आता है तो सीजफायर टूटने और लड़ाई फिर से शुरू होने का अंदेशा है।

रजा अमीरी मोगदम ने पोस्‍ट में क्या लिखा

पाकिस्तान स्थित ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगदम ने 9 अप्रैल को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्‍होंने लिखा- 'इजराइल द्वारा कई बार युद्धविराम का उल्लंघन किए जाने के बावजूद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के निमंत्रण पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल युद्धविराम की 10 धाराओं पर गंभीर संवाद करने के लिए 9 अप्रैल की रात को इस्लामाबाद पहुंचेगा।' इसके थोड़ी देर बाद मोगदम ने यह पोस्‍ट हटा दिया। तो अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान की टीम इस्लामाबाद नहीं आ रही है। या ईरान अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहा है।

ये था रजा अमीरी मोगदम का किया गया पोस्‍ट

अमेरिका की तरफ से उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस आ सकते हैं पाकिस्‍तान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के मकसद से बातचीत के लिए पाकिस्तान आ सकते हैं। अमेरिकी मीडिया सीएनएन के मुताबिक‍ पाकिस्तान के खुद को एक अहम मीडिएटर के तौर पर पेश करने के बाद इस हफ्ते इस्लामाबाद में बड़ी बैठक की तैयारी चल रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि शायद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जेडी वेंस पाकिस्तान जा सकते हैं।  

10 अप्रैल 2026 से शुरू होनी है पाकिस्‍तान में शांति वार्ता

ये वार्ता 10 अप्रैल 2026 को शुरू होने वाली है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों पक्षों को आमंत्रित किया है और मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। यह वार्ता 8 अप्रैल को घोषित दो हफ्ते के सीजफायर को स्थायी शांति समझौते में बदलने के लिए हो रही है। ईरान अपनी 10 सूत्री प्रस्ताव के आधार पर बातचीत कर रहा है, जबकि अमेरिका इसे “काम करने लायक आधार” मान रहा है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 9 April 2026 at 17:44 IST