अपडेटेड 23 March 2026 at 15:11 IST
Iran Israel War: सांप छछूंदर वाली हालत... ईरान पर हमला करेगा पाकिस्तान? सऊदी अरब के इस अपील से धर्म संकट में फंस गए शहबाज और आसिम मुनीर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के पाकिस्तान की हालत सांप छछूंदर वाली हो गई है। कुछ रिपोर्ट्स के आधार पर कहा जा रहा है कि नए रक्षा समझौता के तहत सऊदी अरब पाकिस्तान पर ईरान के खिलाफ खड़े होने का दवाब बना रहा है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव थमने का नाम नहीं रहा है। ईरान पर अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई जारी है। तो जवाब में ईरान की तरफ से भी लगातार हमले हो रहे हैं। जवाबी कार्रवाई इजरायल तक ही सीमित नहीं है। ईरान की ओर से मिडिल ईस्ट में कतर से लेकर यूएई और सऊदी अरब समेत कई मुस्लिम देशों में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया गया है। अब ऐसी खबरे आ रही हैं कि सऊदी अरब पाकिस्तान पर ईरान के खिलाफ खड़े होने का दवाब बना रहा है, उसे रक्षा समझौता 2025 को याद दिला रहा है।
ईरान ने ना सिर्फ अपने दुशमन इजरायल को निशाना बना रहा है, बल्कि मिडिल ईस्ट के देशों पर भी मिसाइले दाग रहा है। ईरान के इस हमले को लेकर अरब और कई मुस्लिम देशों ने नाराजगी जताई है, बल्कि जवाबी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। वहीं ,ऐसे संकेत मिले हैं कि अब सऊदी अरब पाकिस्तान पर ईरान के खिलाफ कड़े एक्शन का दवाब बना रहा है। सऊदी अब स्थिति को और मजबूत करने की तैयारी में है।
नया रक्षा समझौता में फंसा पाकिस्तान
बता दें सऊदी और पाकिस्तान ने साल 2025 में नया रक्षा समझौता किया था। इसके तहत सऊदी पर हमला पाकिस्तान पर हमला माना जाएगा। इस नए रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब को पाकिस्तान की न्यूक्लियर ताकत का भी सहारा मिल सकता है, जिससे वह अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम कर सके और ईरान के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर सके।
अब क्या करेगी मुनीर की सेना?
ऐसे हालात में, पाकिस्तानी सैनिक ईरान की पूर्वी सीमा पर दूसरा मोर्चा खोल सकते हैं या होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में मदद कर सकते हैं। इससे सऊदी सेना जमीन पर होने वाले भारी जान-माल के नुकसान से बच सकेगी। मगर पाकिस्तान के लिए ईरान के साथ किसी भी तरह के टकराव जोखिम भरा हो सकता है।
देश के अंदर तनाव बढ़ने की आशंका
दरअसल, ईरान में शिया मुस्लिम सबसे ज्यादा रहते हैं,इसे शिया बहुल देश कहा जाता है। वहीं, पाकिस्तान में भी बड़ी संख्या में शिया आबादी रहती है। ऐसे में अगर पाकिस्तान ईरान के खिलाफ जंग में कूदता है तो देश के अंदर सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है। युद्ध से पाकिस्तान की पहले से ही नाजुक अर्थव्यवस्था और भी खराब हो सकती है। तेल की बढ़ती कीमतें, खाड़ी देशों से आने वाले पैसे में कमी और पहले से ही तनावपूर्ण वित्तीय और ऊर्जा स्थिति इस संकट को और गहरा कर सकती है।
पाक सीमा पर बढ़ सकता है खतरा
पाकिस्तान के लिए समस्या यहीं नहीं रूकेगी। अगर जंग में यह कूदता है तो देश की बॉर्डर सुरक्षा पर खतरा हो सकता है। पाकिस्तान की सीमा ईरान से 900 किलोमीटर तक लगती है, जिससे सीधे जवाबी हमले का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, वह पहले से ही अफगानिस्तान में मौजूद उग्रवादियों और बलूच विद्रोहियों से जुड़े तनावों से निपट रहा है। भारत के साथ भी अपने रिश्ते खराब रखें है। ऐसे में कोई भी नया टकराव उसकी सेना को कई मोर्चों पर बिखेर सकता है।
शीर्ष भारतीय खुफिया सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से निभाई गई कोई छोटी-सी भूमिका भी – जैसे कि हवाई सुरक्षा में मदद करना या सऊदी अरब या होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैनिकों की तैनाती करना – असल में एक पश्चिमी मोर्चा खोल देगी। यह ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान पहले से ही कई सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है।
सऊदी की ईरान को चेतावनी
वहीं, दूसरी ओर ईरान के लगातार हमलों के बाद सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने साफ कहा है कि उनका का संयम असीमित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी आक्रामकता के सामने रियाद के पास सैन्य कार्रवाई का विकल्प मौजूद है। अरब और इस्लामी देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर तेहरान से अपनी आक्रामकता रोकने की मांग की है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 15:09 IST