इंटरनेट बंद, प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग और आंसू गैस, अबतक 27 मौत, सैकड़ों घायल... मुनीर की सेना ने याद दिलाया जलियांवाला बाग हत्याकांड
PoK Protest: पाकिस्तानी सेना ने PoJK में प्रदर्शनकारियों पर कथित अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 27 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हैं। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने इस कार्रवाई की तुलना जलियांवाला बाग हत्याकांड से की है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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PoK Protest: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में पिछले कुछ दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। हालात एक बार बेकाबू हो चुके हैं। प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए असीम मुनीर की सेना अब गोलियों का सहारा ले रही है। पाकिस्तानी सेना, रेंजर्स और स्थानीय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कथित अंधाधुंध फायरिंग की और आंसू गैस के इस्तेमाल दागे, जिसमें अब तक कम से कम 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। इलाके में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं।
जम्मू और कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य ने PoK में इस हिंसा की कड़ी आलोचना की और पाकिस्तानी सेना द्वारा प्रदर्शनकारियों पर चलाई गोलियों की तुलना जलियांवाला बाग नरसंहार तक से कर दी।
‘बातचीत की जगह गोलियों का सामना करना पड़ा’
उन्होंने कहा कि PoJK में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग जलियांवाला बाग हत्याकांड के समान है। अपने अधिकारों की मांग करने वाले नागरिकों को बातचीत के बजाय गोलियों का सामना करना पड़ा।
वैद्य ने पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह कश्मीरियों का भला कभी नहीं चाहता। उन्होंने कहा, “लोग सिर्फ आटा, बिजली और बुनियादी जरूरतें मांग रहे थे, लेकिन उनकी आवाज को गोलियों से दबाया जा रहा है। पाकिस्तान अपने लोगों को पहले संभाले।”
वैद्य ने आगे कहा कि यह घटनाक्रम पाकिस्तान के झूठे कश्मीर नैरेटिव को बेनकाब कर रहा है। PoJK, गिलगित-बाल्टिस्तान, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ते असंतोष से पाकिस्तानी सेना और सरकार घिरती जा रही है। उन्होंने पाकिस्तानी सरकार को सलाह दी कि इन क्षेत्रों के लोग अपनी चिंताओं को लगातार मुखर कर रहे हैं। उनकी आकांक्षाओं का सम्मान किया जाए और बलपूर्वक उनका दमन करना बंद करें।
PoK में क्यों हो रहे प्रदर्शन?
प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से ज्वाइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के बैनर तले सड़कों पर उतरे थे। वे महंगाई, आटे-बिजली की बढ़ती कीमतों, बुनियादी सुविधाओं की कमी और PoJK में पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरक्षित सीटों जैसे मुद्दों पर आवाज उठा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी प्रशासन उनके क्षेत्र को लूट रहा है और उनके अधिकारों को कुचल रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने रावलाकोट और मुजफ्फराबाद समेत कई इलाकों में शटडाउन और मार्च निकाला, तो सुरक्षा बलों ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए गोलीबारी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
भारत ने की निंदा
भारत समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी निंदा हो रही है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार (9 जून) को एक बयान में कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। PoK में जो बर्बरता हो रही है उसे पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय देख रहा है। ये हमारी उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को अपने दुष्कर्मों और अपने अत्याचारों के लिए जवाबदेही ठहराएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि PoK के लोगों की आवाज को दबाने की कोशिशें लंबे समय तक सफल नहीं होगी।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 9 June 2026 at 22:56 IST