Nepal Floods: शवों को रखने की जगह नहीं, अब भी 2500 लोग लापता...नेपाल पर फिर मंडराया बाढ़ का खतरा! चीन ने झील टूटने की दी चेतावनी
नेपाल में परेशनियां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। चीन ने नेपाल को अब एक नई चेतावनी देकर अलर्ट कर दिया है। चीन ने बताया है कि लेंडे नदी तंत्र के ऊपरी हिस्से में बनी एक झील कभी भी टूट सकती है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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नेपाल में परेशनियां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। एक और देश भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड से मची तबाही के बीच जूझ रहा है तो वहीं चीन ने नेपाल को अब एक नई चेतावनी देकर अलर्ट कर दिया है। चीन ने बताया है कि लेंडे नदी तंत्र के ऊपरी हिस्से में बनी एक झील कभी भी टूट सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन ने बताया है कि झील के पानी का रंग लगातार गहरा हो रहा है, जिसे खतरे का संकेत समझा जाए। यह भी कहा गया है कि अगर यह झील टूटती है तो नदी में पानी का बहाव बहुत तेजी से बढ़ सकता है। चीन के अनुसार पानी का अधिकतम बहाव 500 घन मीटर प्रति सेकंड तक भी पहुंच सकता है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय को दी जानकारी
चीन ने इस सब पर नेपाल के विदेश मंत्रालय को जानकारी देते हुए बताया है कि हाल ही में नेपाल और तिब्बत में आए भीषण फ्लैश फ्लड के कारण यह झील बनी है। जब ग्लेशियर टूटा तो भारी मात्रा में उसका मलबा टूट के नीचे गिर गया। इससे नदी का रास्ता बंद हो गया और वहां एक प्राकृतिक बांध बन गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह झील चीन की तरफ चोचेन नदी और नेपाल की तरफ पुरेपु नदी के संगम के पास बताई जा रही है।
25 लाख घन मीटर पानी जमा हुआ
इसके साथ यह भी पता चला है कि इस झील में करीब 25 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है। इसी कारण चीन इसके लिए सभी को सतर्क कर रहा है। चीन के अनुसार वह ड्रोन और सैटेलाइट के जरिए झील और आसपास के इलाके पर नजर बनाए हुए है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन ने बाढ़ का एक मॉडल तैयार किया है ताकि यह पता लगाया जा सकें कि अगर बांध टूटता है तो इसका प्रभाव किस स्तर तक पहुंच सकता है। इससे चीन को यह पता चला है कि बांध टूटने पर पानी का बहाव अधिकतम 500 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच सकता है।
2,500 लोग लापता
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या करीब 2,500 पहुंच गई है। अब तक 586 शव बरामद हो चुके हैं। यह भी बताया जा रहा है कि अब वहां शवों को रखने तक की जगह नहीं रह गई है।
Published By : Kritarth Sardana
पब्लिश्ड 29 August 2026 at 15:08 IST