Nepal Flood: नेपाल जलप्रलय में बढ़ता जा रहा मृतकों का आंकड़ा, बाढ़ में अब तक 359 लोगों की मौत, 910 लोग लापता; रेस्क्यू जारी
Nepal Flood: नेपाल में आई भयावह त्रासदी में मौतों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। इस जलप्रलय मे अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है और वहीं, लगभग 910 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Nepal Flood Deaths: नेपाल में आई भयावह त्रासदी के बाद हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। नेपाल के रसुवागढ़ी जिले में नेपाल-चीन बॉर्डर के पास भोटेकोशी नदी में अचानक आए तेज जलप्रवाह (फ्लैश फ्लड) अपने साथ सब कुछ बहा ले गई। इस जलप्रलय में अब धीरे-धीरे मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ते ही जा रहा है।
इस भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है, जबकि 910 लोग अभी भी लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। यह जानकारी नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने दी है। फिलहाल खोज, बचाव और राहत कार्य तेजी से जारी रहे।
सबसे अधिक मौतें चितवन में
NDRRMA के अनुसार गुरुवार, 27 अगस्त को दोपहर 2 बजे (स्थानीय समय) तक जारी ताजा "खोज, बचाव और राहत अपडेट" के अनुसार सबसे अधिक मौतें चितवन में हुई हैं, जहां 108 शव बरामद किए गए हैं। बरामद शवों का जिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है: धाडिंग में 27, नुवाकोट में 12, रसुवा में 2, गोरखा में 20, नवलपरासी ईस्ट में 62, तनहुन में 12, चितवन में 108 और नवलपरासी वेस्ट में 15 है।
लापता लोगों ने नेपाली सेना भी शामिल
लापता या संपर्क से बाहर बताए गए 910 लोगों की सूची में नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सेना के 44 जवान, आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स के 13 जवान, कस्टम्स ऑफिस के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन ऑफिस के चार कर्मचारी शामिल हैं। डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC) से मिली जानकारी के अनुसार, लापता या संपर्क से बाहर लोगों में 161 लोग रसुवा जिले से हैं, जबकि नुवाकोट में एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है।
517 विदेशी नागरिक लापता
नेपाल के इस भयानक आपदा में विदेशी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। 517 विदेशी नागरिकों के लापता या संपर्क से बाहर होने की सूचना है। बचाव कार्यों के बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे।
288 भारतीय लोग से कोई संपर्क नहीं
गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस आपदा में करीब 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 73 भारतीय नागरिक शामिल हैं जो त्रिशूली वन पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 27 August 2026 at 18:15 IST