'लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, चीनी पक्ष कितना भी इनकार...', भारत ने चीन को दिया दो टूक जवाब
भारत ने लद्दाख पर बीजिंग के लगातार दावों का कड़ा और ठोस जवाब दिया है। मंगलवार को विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा 'लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने बाहरी आपत्तियों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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भारत ने लद्दाख मामले पर बीजिंग के लगातार दावों का कड़ा और ठोस जवाब दिया है। भारत ने साफ तौर पर कहा है कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश देश का एक स्थायी और संप्रभु हिस्सा है और बाहरी आपत्तियों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। यह तीखी कूटनीतिक बहस तब शुरू हुई जब बीजिंग ने भारत के हालिया मैप अपडेट पर आपत्ति जताई। चीनी बयानों के बारे में मीडिया के सवालों का जबाव देते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल कहा कि 'लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और उन्होंने बाहरी आपत्तियों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया।
लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है-MEA
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को मीडिया से बात करते हुए कहा "हम फिर से दोहराते हैं कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। चीनी पक्ष के इनकार करने से यह स्थापित तथ्य नहीं बदल सकता।"
भारत ने लद्दाख के नक्शे में जोड़े 28 जगहों के नाम
बता दें कि यह कूटनीतिक तनाव भारत के गृह मंत्रालय (MHA) की उस आधिकारिक अधिसूचना के बाद पैदा हुआ, जिसमें लद्दाख की 28 रणनीतिक जगहों और भौगोलिक विशेषताओं के नामों को आधिकारिक मैप पर एक समान रूप से तय किया गया था।
MEA ने कहा, "घोषणा में बताया गया है कि UT लद्दाख में मौजूद 28 जगहों/फीचर्स की पहचान सर्वे ऑफ़ इंडिया के ऑफिशियल मैप पर स्टैंडर्ड जगहों और फीचर नामों से की गई है , और यह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और लोकल स्टेकहोल्डर्स से सलाह-मशविरा करके किया गया है। UT लद्दाख के सर्वे ऑफ़ इंडिया मैप पर इन जगहों की फॉर्मल पहचान करने का मकसद उनकी सही पहचान और आम लोगों में बेहतर जागरूकता लाना है।"
नक्शे में जोड़े 28 जगहों के नाम से चीन तिलमिलाया
इससे पहले 28 जगहों के नाम को जोड़ने के बाद चीन तिलमिला उठा इस घोषणा पर अपनी राय देते हुए, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने आरोप लगाया कि बीजिंग ने कभी भी इस इलाके को मान्यता नहीं दी है और दावा किया कि यह कदम एकतरफ़ा तौर पर लागू किया गया था। इस कदम का विरोध करते हुए, माओ ने कहा, "यह कदम गैर-कानूनी और अमान्य है और यह इस बात को नहीं बदल सकता कि चीन- भारत सीमा के पश्चिमी सेक्टर में संबंधित इलाके हमेशा से चीन के रहे हैं।"
अपडेटेड नक्शे में इन 28 जगहों के नाम शामिल
2 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर अपनाए गए अपडेटेड नक्शे में 'लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) के साथ सीमा पर तनाव वाले अहम इलाके शामिल हैं, जैसे कि गोगरा और हॉट स्प्रिंग। ये दोनों जगहें 2020 में पैंगोंग झील के पास हुई झड़पों के बाद शुरू हुए सैन्य गतिरोध के दौरान चर्चा में रही थीं। इनके अलावा, नक्शे में कई अन्य प्रमुख जगहें भी शामिल हैं।
इनमें अलीशा गिरी, ब्रांग्सा, चापचिंगल दर्रा, कनिष्क पीक, करुण पीर पर्वत, कुकसेल, मार्तंड गिरी, पारपिक ग्लेशियर, स्कमरी ग्लेशियर, शचमीरिक दर्रा, श्कोर्गा घाटी, ज़ोरावर पीक, डेहरा कंपास, ड्रैक कार्पो, जोल्मोरी, कुमारयाना पॉइंट, पैंग्लुंग, रिंचेन ज़ंगपो, साक्याश्री गिरी, गुरु रिम्पोचे, शामल लुंग्पा, यांग्पा नदी, मारपा लोत्सावा री, मिलारेपा कांगरी, शिवा री और महेश्वरा री शामिल हैं।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 13 October 2026 at 18:14 IST