Iran US War: युद्ध में नया ट्विस्ट, जंग में ब्रिटेन नहीं देगा ट्रंप का साथ; स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने के लिए 35 देशों को एकजुट करेंगे PM स्टार्मर
पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच यूनाइटेड किंगडम (UK) के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर (Keir Starmer) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है।
Iran US War: पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच यूनाइटेड किंगडम (UK) के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर (Keir Starmer) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। स्टारमर ने साफ कहा है कि उनका देश ईरान जंग में शामिल नहीं होगा और उसका मुख्य लक्ष्य खाडडी क्षेत्र में तनाव कम करना और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना है।
कीर स्टारमर ने बुधवार को कहा कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध उनका नहीं है, और वे इस झगड़े में नहीं पड़ेंगे। स्टारमर ने अपने संबोधन में कहा कि युद्ध का असर उन पर पड़ेगा, लेकिन UK के पास एक ज्यादा सुरक्षित देश के तौर पर उभरने का प्लान है। उन्होंने जारी कूटनीतिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा, "इस उद्देश्य के लिए हम हर उस कूटनीतिक रास्ते को तलाश रहे हैं जो हमारे लिए उपलब्ध है।"
होर्मुज खुलवाने के लिए 35 देशों को एकजुट करेंगे PM स्टार्मर
स्टार्मर ने आगे कहा, "विदेश सचिव और चांसलर G7 में अपने समकक्षों से मिल चुके हैं। रक्षा सचिव मध्य पूर्व में हमारे साझेदारों से बातचीत कर रहे हैं और यूके ने अब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होकर काम करने के हमारे इरादे के बयान के समर्थन में 35 देशों को एक साथ ला खड़ा किया है।"
ब्रिटेन जल्द ही इन देशों की बैठक की मेजबानी करेगा। ब्रिटिश पीएम का कहना है कि सैन्य योजनाकारों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित बनाने पर चर्चा होगी। स्टारमर की तरफ से ये पहल ऐसे समय में हुई है जब ईरान में चल रहे युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जिससे दुनिया की तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा सामान्य तौर पर गुजरता है।
ईरान संग डील करना चाहते हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह नाटो से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने नाटो को कागजी शेर बताया है। ट्रंप ने कहा कि वह पहले से ही नाटो से ज्यादा प्रभावित नहीं थे और उन्हें लगता है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी यही मानते हैं। यह बयान तब आया है जब नाटो देशों ने ईरान जंग में अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया। अमेरिका चाहता था कि नाटो देश होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए अपनी वॉरशिप भेजें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस बीच ट्रंप ईरान से जंग करना चाहते हैं।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 1 April 2026 at 16:57 IST