US Iran: 'हारने वाला शर्तें नहीं थोप सकता', ट्रंप को ईरान की दो टूक, सीजफायर बढ़ाने वाले फैसले को बताया 'एकतरफा'

US Iran News: ईरान ने अमेरिका के सीजफायर आगे बढ़ाने वाले फैसले को नहीं माना है। उनका कहना है कि जाने का कोई मतलब नहीं है। हारने वाला पक्ष अपनी शर्तें नहीं थोप सकता।

ट्रंप के फैसले पर ईरान की प्रतिक्रिया | Image: Reuters/File

US Iran News: अमेरिका और ईरान में इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता होगी या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। ट्रंप के इस फैसले को ईरान ने एकतरफा बताया है। साथ ही वार्ता के लिए अमेरिका की शर्तों को खारिज कर दिया।

तेहरान ने साफ तौर पर कहा कि वह सीजफायर बढ़ाने के ट्रंप के "एकतरफा फैसले" को नहीं मानता और अपने राष्ट्रीय हित के हिसाब से ही आगे कदम उठाएगा।

'सीजफायर बढ़ाना एक चाल’

ईरानी संसद स्पीकर के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने भी ट्रंप के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "ट्रंप द्वारा सीजफायर की अवधि बढ़ाए जाने का कोई मतलब नहीं है। हारने वाला पक्ष अपनी शर्तें नहीं थोप सकता। घेराबंदी जारी रखना बमबारी से किसी भी तरह अलग नहीं है और इसका जवाब सैन्य कार्रवाई से ही दिया जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि ट्रंप द्वारा सीजफायर बढ़ाना निश्चित रूप से एक चाल है, जिससे अचानक हमला करने के लिए समय मिल सके। अब ईरान के लिए पहल करने का समय आ गया है।

ट्रंप ने किया सीजफायर बढ़ाने का ऐलान

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को 14 दिनों का सीजफायर हुआ था, जिसकी अवधि 22 अप्रैल को खत्म होने जा रही थी। ट्रंप ने साफ कह दिया था कि वह इस अवधि को आगे नहीं बढ़ाएंगे। इस बीच उन्होंने अपना रूख फिर बदलते हुए सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का ऐलान कर दिया।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सरकार बंटी हुई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर सीजफायर आगे बढ़ाने का फैसला ले रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैं युद्धविराम को तब तक के लिए बढ़ा रहा हूं, जब तक कि उनका प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं हो जाता और चर्चाएं, चाहे जिस भी रूप में हों, उनरी पूरी नहीं हो जातीं। हालांकि इस दौरान उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी जारी रखने की बात कही।

दूसरे दौर की वार्ता का क्या होगा? 

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता होनी है, लेकिन इस पर लगातार संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। एक तरफ अमेरिका तो बातचीत के लिए तैयार है और अपना डेलिगेशन भी भेजने की बात कह चुका है। वहीं, ईरान इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। ईरान का कहना है कि धमकियों के बीच बातचीत नहीं हो सकती। साथ ही वे होर्मुज स्ट्रेट से नाकेबंदी हटाने की भी शर्त रख रहा है। इस बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का भी वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाना फिलहाल टल गया है।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 22 April 2026 at 10:39 IST