Iran Israel War: युद्ध में मचेगी भारी तबाही, ट्रंप की धमकियों से नहीं डर रहा ईरान; परमाणु बम बनाने की ओर बढ़ाया कदम; आखिरी अड़चन करेगा दूर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक अहम खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने की योजना पर विचार कर रहा है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक अहम खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने की योजना पर विचार कर रहा है। अगर तेहरान की ओर से ऐसा फैसला लिया जाता है, तो वह परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल को लेकर बनी पाबंदियों से खुद को दूर कर लेगा। ईरान ने मौजूदा जंग के बीच एनपीटी से बाहर निकलने की कवायद को न्यायोचित ठहराया। इस दौरान ईरान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुलिंग का हवाला दिया। यह खबर ऐसे समय में आई है, जब कहा जा रहा है कि अमेरिका की ईरान के यूरेनियम पर कब्जा करने की योजना है।
इस मामले को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ऐसी संधि में शामिल होने का कोई फायदा नहीं, जहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव डालने वाले पक्ष हमें इसके अधिकार का इस्तेमाल नहीं करने देते। इसके अलावा हमारे परमाणु संयंत्रों पर हमला भी करते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश में नहीं रहा और भविष्य में भी हम ऐसा नहीं करने वाले।
ईरान चोरी चुपके बना रहा परमाणु हथियार, अमेरिका का बड़ा आरोप
अमेरिका का आरोप है कि ईरान चोरी-छिपे परमाणु हथियार बना रहा है। यह आरोप लगाते हुए पिछले महीने 28 फरवरी को अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था जबकि तेहरान ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज किया है। इससे पहले पिछले साल जून में अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों फोर्डो यूरेनियम संयंत्र, नतांज परमाणु संयंत्र और इस्फहान को निशाना बनाया था।
कहा गया था कि ईरान ने इन ठिकानों से लगभग 400 किलोग्राम यूरेनियम स्थानांतरित किया था, जो हथियारों के उपयोग के लिए आगे संसाधित किया जा सकता है। अमेरिका और इजरायल लंबे समय से ईरान पर आरोप लगा रहे हैं कि तेहरान हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। ऐसे में एनपीटी से संभावित रूप से बाहर निकलने की ईरान की समीक्षा जारी है।
क्या है NPT? जिससे बाहर निकलने के लिए युद्ध के बीच ईरान ने पेश किया विधेयक
न्यूक्लियर ट्रायड यानी परमाणु त्रिकोण, एक देश की वह सैन्य रणनीति है जिसमें परमाणु हथियारों को तीन अलग-अलग तरीकों से तैनात किया जाता है। ट्रायड मतलब जमीनी मिसाइलें, पनडुब्बी आधारित मिसाइलें और हवाई हमले परमाणु बम ले जाने की तकनीक हासिल कर लेना या फिर ऐसी मिसाइलों से लैस होना जो तीनों जगह काम कर सकें।
इस त्रिकोण का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर कोई देश पर हमला हो, तो वह जवाबी कार्रवाई के लिए कम-से-कम एक माध्यम से परमाणु हमला कर सके। भारत ने हाल के सालों में अपनी न्यूक्लियर ट्रायड को मजबूत किया है।
क्या है एनपीटी का मकसद?
अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा और नागाशाकी पर परमाणु हमले किए। इसके बाद इस रेस में रूस, ब्रिटेन और फ्रांस ने भी परमाणु शक्ति हासिल की। 1960 के दशक में चीन भी इस फेहरिस्त में जुड़ गया। भारत ने बहुत बाद में जाकर परमाणु शक्ति हासिल की। जब कई देश परमाणु हथियार की होड़ में लग गए तब इसके लिए एक संधि बनाने का प्रस्ताव लाया गया।
एनपीटी का मकसद परमाणु हथियारों का प्रसार रोकना, परमाणु निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना और शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है। 1968 में बनी इस संधि को 1970 में लागू किया गया। इसका जोर इस बात पर है कि परमाणु हथियार सिर्फ उन पांच देशों (अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस) तक सीमित रहें, जिन्हें संधि में "परमाणु हथियार संपन्न देश" माना गया है। इसके साथ ही, यह देशों को परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का हक देती है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 30 March 2026 at 23:30 IST