Iran-US War: ट्रंप बर्रे के छत्ते में हाथ डाल भागे उल्टे पांव... अब होर्मुज को खुलवाने के लिए भारत भी लगाएगा जोर, प्लानिंग में कौन-कौन देश शामिल?
Iran War news: ट्रंप के बयान के बाद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने के लिए ब्रिटेन दुनिया के 35 बड़े देशों के साथ चर्चा कर रहा है, जिसमें भारत भी शामिल हो रहा है।
Strait of Hormuz: ईरान के खिलाफ युद्ध में खुद अपनी जीत का दावा कर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब उल्टे पांव भागने की तैयारी कर ली है। इस बीच वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर पेंच फंसा गए। ऐसे में अब होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने के लिए कई देश एक साथ आ रहे हैं। इसके लिए ब्रिटेन ने पहल की शुरुआत की और भारत भी इसमें शामिल होने जा रहा है।
अब ब्रिटेन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने का मोर्चा संभाला है। इसके लिए 35 देशों की एक अहम बैठक बुलाई जा रही है, जिसके लिए UK की ओर से भी भारत को भी न्योता दिया गया। भारत इस बातचीत का हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत की तरफ से कौन होगा मीटिंग में शामिल?
इस संबंध में गुरुवार (2 अप्रैल) भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस मीटिंग में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी वर्चुअली शामिल होंगे। अमेरिका इस बैठक का हिस्सा नहीं बनेगा। भारत के अलावा कई और देश मीटिंग में शामिल होने जा रहे हैं।
ये देश भी बन सकते हैं मीटिंग का हिस्सा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ये बैठक आज ही वर्चुअली होगी, जिसकी अध्यक्षता यूके की विदेश मंत्री यवेट कूपर करेंगी। इसके लिए जिन प्रमुख भागीदारों के नाम सामने आए हैं, उनमें भारत और यूके के अलावा फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया शामिल हैं। यूएई, बहरीन और ओमान भी इस बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड और नाइजीरिया जैसे देशों के नाम भी सामने आए हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बताया कि यह बैठक में उन सभी कूटनीतिक और राजनीतिक उपायों पर विचार किया जाएगा, जिनसे समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाया जा सके। साथ ही यहां फंसे हुए जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जरूरी सामान की आवाजाही फिर से शुरू हो सके।
उन्होंने बताया कि बैठक के बाद मिलिट्री प्लानर्स के साथ भी चर्चा होगी, जिससे संघर्ष खत्म होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित और चालू किया जा सके।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरती है। हाल ही में ईरान द्वारा इस मार्ग को बंद किए जाने के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं।
हमें होर्मुज खुलवाने की जरूरत नहीं- ट्रंप
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम अपने संबोधन में साफ कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने का नेतृत्व नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस समुद्री रास्ते से तेल की कोई जरूरत नहीं है। जो देश इस पर निर्भर हैं, उन्हें खुद इसकी जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 2 April 2026 at 20:10 IST