नमाज के बहाने उठा और पीछे से गद्दार को-पायलट हमाम अल हम्मामी ने मार दी कुलहाड़ी...कॉकपिट में क्या-क्या हुआ, कैप्टन स्मित ने नेतन्याहू को बताया

बोइंग 737 मैक्स 8 विमान अपनी सामान्य उड़ान पर था। इसी दौरान ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी अपनी सीट से उठा और उसने कहा कि वह नमाज पढ़ना चाहता है।

नमाज के बहाने उठा और मार दी कुलहाड़ी...कॉकपिट में क्या हुआ, कैप्टन स्मित ने बताया | Image: X

बीते 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) में आसमान के बीचों-बीच एक ऐसी घटना घटी, जो रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। दुबई से तेल अवीव (इजरायल) जा रहे इस विमान में ओमानी को-पायलट ने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार पर इमरजेंसी कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने और आंखों के सामने अंधेरा छा जाने के बावजूद, कैप्टन मछार ने अद्भुत शौर्य का परिचय देते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला और 174 यात्रियों (जिनमें अधिकतर इजरायली थे) की जान बचा ली।

इस घटना के बाद सऊदी अरब के तबूक में विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फिलहाल कैप्टन स्मित को सऊदी अरब से यूएई शिफ्ट कर दिया गया है, जहां वे अपनी चोटों से उबर रहे हैं।

नमाज का बहाना और पीठ पीछे कुल्हाड़ी से वार

3 अक्टूबर को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कैप्टन स्मित ने हमले की खौफनाक दास्तां साझा की। उन्‍होंने बताया कि बोइंग 737 मैक्स 8 विमान अपनी सामान्य उड़ान पर था। इसी दौरान ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी अपनी सीट से उठा और उसने कहा कि वह नमाज पढ़ना चाहता है। कैप्टन स्मित को इसमें कुछ भी असामान्य नहीं लगा और उन्होंने सहकर्मी के सम्मान में जान बूझकर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

करीब चार-पांच मिनट बाद ही कैप्टन के सिर के पिछले हिस्से पर एक जोरदार प्रहार हुआ। यह हमला विमान में आपात स्थिति के लिए रखी गई कुल्हाड़ी से किया गया था। पहला वार इतना अचानक था कि कैप्टन को लगा जैसे विमान किसी चीज से टकरा गया हो, लेकिन दूसरे वार ने साफ कर दिया कि हमलावर कोई और नहीं बल्कि उनके ठीक पीछे खड़ा को-पायलट है।

कॉकपिट में मौत से जंग और दूसरी कोशिश की कामयाबी

कुल्हाड़ी के वार से कैप्टन स्मित की आंखों के सामने धुंधलापन छा गया और इसी दौरान विमान तेजी से नीचे की ओर गोते खाने लगा। स्मित और हमलावर को-पायलट के बीच कॉकपिट में ही हाथापाई शुरू हो गई। कैप्टन को अहसास हो चुका था कि अगर वह नहीं उठे तो सभी यात्रियों की मौत तय है।

गंभीर रूप से घायल और दिशाहीन होने के बावजूद स्मित कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचे। बाहर मौजूद क्रू मेंबर्स दरवाजे का कोड डालकर अंदर आने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमलावर उन्हें रोक रहा था। स्मित ने अंदर लगे नॉब को घुमाकर पहली बार दरवाजा खोला, लेकिन को-पायलट ने उसे तुरंत वापस बंद कर दिया और स्मित फर्श पर गिर पड़े। मौत को सामने देख स्मित ने अपनी आखिरी बची हुई ताकत बटोरी और एक बार फिर नॉब घुमाकर दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद लोग कॉकपिट में दाखिल हुए और उन्होंने हमलावर को दबोच लिया।

17 साल का अनुभव और 'हनुमान चालीसा' से मिली ताकत

इससे पहले 2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत में कैप्टन स्मित ने अपने अनुभव और आस्था का जिक्र किया था। उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि उन्हें विमान उड़ाते हुए 17 साल हो चुके हैं। इस लंबे अनुभव के कारण ही वे आंखें बंद होने और विजन ब्लर होने के बावजूद विमान की स्थिति को महसूस कर पा रहे थे। संकट की उस घड़ी में उन्होंने अपनी आस्था का सहारा लिया और मन ही मन 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया, जिससे उन्हें मौत से लड़ने और यात्रियों को बचाने का अदम्य साहस मिला।

जांच जारी, नेतन्याहू ने बताया 'दुनिया का हीरो'

इस हाईजैक जैसी खौफनाक घटना के बाद यूएई, सऊदी अरब और इजरायल की एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या इस हमले के पीछे कोई पूर्व नियोजित साजिश या आतंकी कनेक्शन था। इजरायली पीएम नेतन्याहू ने ओमानी को-पायलट के 'इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा' से प्रेरित होने का अंदेशा जताया है।

नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मछार के अदम्य साहस को सलाम करते हुए उन्हें "इजरायल, भारत और पूरी दुनिया का हीरो" करार दिया है। इसके साथ ही, नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 4 October 2026 at 09:20 IST